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Dindori Corruption News: मजदूरी गायब, फर्जीवाड़ा चालू: मेंहदवानी की इस पंचायत में ‘प्राइवेट हाथों’ में सरकारी तंत्र!

akvlive.in

Published

– उमरिया रैयत पंचायत में मजदूरी घोटाले का आरोप, तालाब निर्माण की मेहनताना अटका

डिंडौरी न्यूज। जनपद पंचायत मेंहदवानी अंतर्गत ग्राम पंचायत उमरिया रैयत के दर्जनों मजदूरों ने खेत तालाब निर्माण कार्य की मजदूरी भुगतान न होने और पंचायत में व्यापक अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई।

 ग्रामीणों ने कलेक्टर से मामले की उच्च स्तरीय जांच कर भुगतान दिलाने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि रोजगार गारंटी योजना के तहत हितग्राही श्रीमती सहमतिया मरावी पति स्व. फूलसिंह मरावी के खेत में 04 मई 2025 से 08 फरवरी 2026 तक विभिन्न चरणों में तालाब निर्माण कार्य किया गया। इस दौरान आठ अलग-अलग मस्टरोल के तहत 20 से 35 मजदूरों ने लगातार श्रम किया, लेकिन आज तक पूर्ण मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ।

दर्जनों मजदूरों ने आरोप लगाया है कि कई सप्ताह तक काम करने के बावजूद उनकी पूरी हाजिरी दर्ज नहीं की गई, जिसके कारण उन्हें आज तक संपूर्ण मजदूरी का भुगतान नहीं मिला।

ग्रामीणों के अनुसार हितग्राही श्रीमती सहमतिया मरावी के खेत में 04 मई 2025 से 08 फरवरी 2026 तक विभिन्न मस्टरोल के माध्यम से तालाब निर्माण कार्य कराया गया। सातवें सप्ताह में मस्टरोल क्रमांक 25620 (25.01.2026 से 31.01.2026) तथा आठवें सप्ताह में मस्टरोल क्रमांक 26684 (02.02.2026 से 08.02.2026) के तहत लगभग 20-20 मजदूरों ने कार्य किया। इससे पहले भी कई चरणों में 25 से 35 मजदूरों ने श्रमदान किया था।

मजदूरों का आरोप है कि ग्राम पंचायत सचिव द्वारा पूरे सप्ताह की उपस्थिति दर्ज न कर केवल एक या दो दिन की हाजिरी डाली गई, जिससे भुगतान आंशिक रह गया। जब इस संबंध में सरपंच और सचिव से पूछताछ की गई तो तकनीकी त्रुटि बताकर सुधार का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हुआ।

ग्रामीणों ने पंचायत में अन्य अनियमितताओं के भी आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पंचायत में पिछले 5-10 वर्षों से रोजगार सहायक का पद रिक्त है और उसका कार्य एक निजी व्यक्ति के माध्यम से कराया जा रहा है। आरोप है कि कई लोगों को बिना कार्य के हाजिरी दी जाती है, जबकि वास्तविक मजदूरों से निजी खेतों में काम कराया जाता है।

इसके अलावा पंचायत सचिव के लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ रहने के कारण मनमानी और भ्रष्टाचार बढ़ने का आरोप भी लगाया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि नल-जल योजना के तहत अब तक गांव में ठोस कार्य नहीं हुआ और कई परिवार मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पंचायत सचिव 10- 15 वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं, जिससे मनमानी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है। नल-जल योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ भी जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच रहा है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत भवन में सरपंच और सचिव अक्सर अनुपस्थित रहते हैं तथा समस्त कार्य एक अनधिकृत व्यक्ति के माध्यम से संचालित किया जाता है। विभिन्न योजनाओं में फर्जी बिल लगाकर राशि निकासी की भी आशंका जताई गई है।

शैलकुमारी, संगीता, पार्वती, गुलाब सिंह, कम्मू लाल, संदीप कुमार, विश्वचरण, कमलेश, संजय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जनसुनवाई में आवेदन प्रस्तुत कर लंबित मजदूरी भुगतान, पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच और संबंधित सचिव के स्थानांतरण की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है और महीनों से भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे मजदूरों को कब न्याय मिलता है।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..