– आरोपी साले गिरफ्तार, एक सह आरोपी फरार
डिंडौरी न्यूज। जिले के गाडासरई थाना क्षेत्र अंतर्गत बघरेली–धनौली मार्ग पर मिले लहूलुहान शव के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने महज 8 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। इस अंधे कत्ल में मृतक के ही साले को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी अब भी फरार है।
मंगलवार सुबह ग्राम बघरेली–धनौली के बीच सड़क किनारे खेत में एक अज्ञात व्यक्ति का खून से सना शव पड़ा होने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक गिरवर सिंह उइके टीम के साथ मौके पर पहुंचे। प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हुआ। शव की पहचान भारत लाल नंदा, निवासी ग्राम मझियाखार, जिला सिवनी के रूप में हुई, जो भारतीय डाक विभाग में चपरासी पद पर पदस्थ थे। परिजनों की रिपोर्ट पर हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया।
– एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की मदद से खुली गुत्थी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं एसडीओपी के मार्गदर्शन में एफएसएल टीम बालाघाट व डॉग स्क्वॉड की सहायता से घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया गया। महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित कर अलग-अलग टीमें आरोपियों की तलाश में रवाना की गईं।
– पारिवारिक विवाद बना हत्या की वजह
जांच में सामने आया कि मृतक शराब का आदी था और नशे की हालत में अक्सर विवाद करता था। घटना की पूर्व संध्या पर उसका साला पारसमणी उर्फ भूरा मांझी, निवासी ग्राम कर्बेमट्टा, रिश्तेदारी में आया हुआ था। बताया जा रहा है कि पारिवारिक विवाद से आहत होकर आरोपी ने अपने एक साथी के साथ मिलकर साजिश रची। “मड़वा नाचने” और शराब पिलाने के बहाने मृतक को घर से बाहर ले जाया गया। रास्ते में शराब पिलाकर पत्थरों से ताबड़तोड़ हमला किया गया और पहचान छुपाने के उद्देश्य से सिर को बुरी तरह कुचल दिया गया।
– मुख्य आरोपी गिरफ्तार, साथी फरार
त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी पारसमणी उर्फ भूरा मांझी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से खून लगे पत्थर और अन्य साक्ष्य बरामद किए गए हैं। आरोपी को बीएनएस की धारा 103(1), 238(a), 61(2), 3(5) के तहत न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। दूसरे आरोपी की तलाश जारी है।
– पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक गिरवर सिंह उइके सहित उपनिरीक्षक ध्रुव कुमार सिंह, सउनि केशव प्रसाद, प्रधान आरक्षक व आरक्षकों की टीम, गोपनीय सैनिक तथा ग्राम रक्षा समिति सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। तकनीकी सेल की सक्रियता से भी मामले के शीघ्र खुलासे में सफलता मिली।
Dindori Crime News
Dindori Latest News
Dindori Today News








