डिंडौरी। जिला प्रशासन डिंडौरी , किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग एवं MPIDC जबलपुर के संयुक्त तत्वाधान में 21 फरवरी 2026 को कृषि विज्ञान केंद्र डिंडौरी के प्रांगण में कृषि कल्याण वर्ष 2026 के अंतर्गत प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, मध्यप्रदेश राज्य मिलेट मिशन योजना के तहत ODOP मिलेट वर्कशॉप, बायर–सेलर मीट एवं मिलेट एक्सीलरेटर प्रोग्राम का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले के कृषक उत्पादक संगठनों (FPO) और प्रतिष्ठित व्यापारियों के बीच सीधा व्यापारिक समन्वय स्थापित कर किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना तथा ‘श्री अन्न’ के मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्माण, प्रोसेसिंग और निर्यात के लिए प्रशिक्षण प्रदान करना रहा।

– कलेक्टर ने की 301 मीट्रिक टन उपार्जन की सराहना
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना अंतर्गत 301 मीट्रिक टन कोदो-कुटकी उपार्जन एवं 5000 किसानों के पंजीयन पर कृषि विभाग की टीम का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने जिले में मिलेट्स आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए उद्योगपतियों और निवेशकों से ठोस कार्ययोजना बनाकर विभागीय योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान किया।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष अंजू ब्यौहार ने कोदो-कुटकी के पोषण महत्व और स्थानीय अर्थव्यवस्था में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी ने ODOP के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए बायर–सेलर मीट का शुभारंभ किया।
– विशेषज्ञों ने दी तकनीकी और निर्यात संबंधी जानकारी
भारतीय कदन्न अनुसंधान संस्थान (IIMR) के वैज्ञानिक डॉ. हरिप्रसन्ना ने मिलेट्स के मूल्य संवर्धन और प्रोसेसिंग तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी। केवीके डिंडौरी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. के.के. देशमुख ने मिलेट उत्पादन में उपयुक्त मृदा चयन एवं नवीनतम कृषि तकनीकों से किसानों को अवगत कराया।
MPIDC जबलपुर के प्रतिनिधि सुरेश पहाड़े ने मिलेट्स के निर्यात अवसर, आवश्यक दस्तावेज और प्रक्रिया की जानकारी दी, जबकि स्पाइस बोर्ड ऑफ इंडिया के डॉ. भारत ने कृषि निर्यात और एपीडा से जुड़े पहलुओं पर प्रकाश डाला।
– FPO और किसानों ने साझा किए अनुभव
कार्यशाला में प्रदान, बैगाचक, न्यूसीड, तेजस्विनी, रमन ग्रीन सहित जिले में कार्यरत विभिन्न FPO एवं व्यापारी संघों की सक्रिय भागीदारी रही। उन्नतशील किसानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए मिलेट्स को आय वृद्धि का सशक्त माध्यम बताया। कार्यक्रम के अंत में परियोजना संचालक आत्मा डॉ. नेहा धुरिया ने आभार व्यक्त किया।









