Dindori Today News,डिंडौरी न्यूज । कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदोरिया के नेतृत्व में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत संचालित जिला प्रशासन की अभिनव पहल पंखिनी सपनों को दो पंख” के तहत बालिकाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु निशुल्क कोचिंग क्लासेस का शुभारंभ 20 फरवरी से किया गया है।
इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि पंखिनी पहल केवल कोचिंग कार्यक्रम नहीं] बल्कि जिले की बेटियों के सपनों को साकार करने का एक सशक्त माध्यम है। हमारा उद्देश्य है कि संसाधनों के अभाव में कोई भी प्रतिभा पीछे न रह जाए। बेटियां यदि ठान लें तो वे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। जिला प्रशासन उन्हें हर संभव मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने बालिकाओं को अनुशासन निरंतर अध्ययन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर रहने के लिए प्रेरित किया तथा कहा कि यह पहल उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

प्रशिक्षण में शामिल अभिलाषा परस्ते ने कलेक्टर को बताया कि उनके माता-पिता कृषक हैं। उन्होंने मोबाइल के माध्यम से अध्ययन कर MPPSC की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है। अब जिला प्रशासन के विशेष सहयोग से पंखिनी योजना के अंतर्गत निःशुल्क कोचिंग कक्षाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है, जिससे वे मुख्य परीक्षा की तैयारी सुव्यवस्थित रूप से कर पा रही हैं।
अभिलाषा ने अपने साथियों से अपील करते हुए कहा कि मोबाइल का सदुपयोग करते हुए सकारात्मक सोच और नियमित अध्ययन के माध्यम से आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी सफलता में बाधा नहीं बनती यदि संकल्प मजबूत हो।
इस कोचिंग कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को विभिन्न कॉम्पिटेटिव एग्जाम जैसे (एमपीपीएससी) पुलिस भर्ती एवं अन्य शासकीय सेवाओं की परीक्षाओं की व्यवस्थित तैयारी कराई जाएगी। उल्लेखनीय है कि जनवरी माह में आयोजित एंट्रेंस परीक्षा के आधार पर चयनित बालिकाओं को इस निशुल्क कोचिंग में शामिल किया गया है।

पंखिनी पहल का उद्देश्य जिले की बालिकाओं को समान अवसर उचित मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफल बनाना है। जिला प्रशासन का यह प्रयास बालिकाओं के शैक्षणिक बौद्धिक एवं आत्मविश्वास विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने सभी बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश शासन बेटियों को आगे बढ़ाने हेतु हर संभव सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कठिन परिश्रम अनुशासन और आत्मविश्वास आवश्यक हैं। कलेक्टर ने सभी छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।









