मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले की अमरपुर जनपद पंचायत में सरकारी खज़ाने से करोड़ों रुपए की हेराफेरी किये जाने का बड़ा घोटाला सामने आया है, जनपद पंचायत में पदस्थ सहायक ग्रेड 03 और अधिकारियों की मिलीभगत से जनपद निधि मद में फर्जी बिल बाउचर लगाकर धड़ल्ले से सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है।
करोड़ों का घोटाला सामने आने पर तत्कालीन एवं वर्तमान सीईओ के कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिले की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम भ्रष्टाचार और बंदरबाट आम बात है लेकिन जनपद पंचायत स्तर पर अधिकारियों के नाक के नीचे बाबू के द्वारा करोड़ों रुपए की हेराफेरी ककिये जाने का मामला जिले में पहली बार सामने आया है, गड़बड़ी का यह मामला भ्रष्टाचार को संरक्षण और प्रशासनिक विफलता का जीता जागता नमूना है।

सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत अमरपुर में पदस्थ दिनेश कुमार तेकाम सहायक ग्रेड 03 के द्वारा वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक में जनपद पंचायत के खाते से स्वयं के खाते में करोड़ों रुपए का भुगतान प्राप्त किया गया है, इसके बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारी जानबूझ कर अनजान बने हुए हैं।
जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध
जिस तरह से बाबू ने सरकारी खाते से पैसे उड़ाए है उससे जनपद पंचायत अमरपुर में पदस्थ रहे तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी आधार सिंह कुशराम, वर्तमान सीईओ लोकेश नारनौरे की भूमिका संदिग्ध है, बाबू के द्वारा स्वयं को भुगतान किए जाने हेतु बिल बाउचर अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किये जाने पर जिम्मेदारों ने आँख बंद कर या जानबूझ कर बिलो में भुगतान किए जाने का मुहर लगा दिया। जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश है कि सरकारी अधिकारी,कर्मचारी किसी भी तरह से कार्यों का या अन्य भुगतान स्वयं के खाते में आहरित नहीं कर सकते, इसके बावजूद भी जिम्मेदारों ने बाबू के मनमानी पर अंकुश लगाने की बजाय संरक्षित करने का प्रयास किया है।
– चौक कार्यक्रम और अन्य व्यय के नाम पर खेल

भले ही जनपद पंचायत से ग्रामीण विकास और ग्राम पंचायतों के वाशिंदों के बुनियादी विकास का रोड मैप तैयार किया जाता हो लेकिन अमरपुर जनपद पंचायत में बाबू और अधिकारियों ने ही शासन की मंशा को मटियामेट कर दिया, अधिकारियों ने आम जनता के बुनियादी सुविधाओं के लिए नहीं बल्कि बाबू दिनेश कुमार तेकाम के बच्चे का चौक कार्यक्रम के नाम पर ही जनपद पंचायत के खाते से दिनांक 16/04/2024 को बाबू के खाते में 75000 हजार रुपए का भुगतान कर दिया है। हमारे पास मौजूद दस्तावेजों के अनुसार बाबू दिनेश कुमार तेकाम को चौक कार्यक्रम, चाय नाश्ता, टेंट, सहित अन्य कार्यों के नाम पर मात्र तीन वर्षों में 36 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। सूत्रों की माने तो वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक में जनपद पंचायत की खाता से आहरित राशि का यदि सही तरीके से परीक्षण कराया जाए तो कम से कम एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि गबन किये जाने का खुलासा हो सकता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनेश कुमार तेकाम के निजी खाते में वर्ष 2023 में लगभग 17 लाख रुपए, 2024 में लगभग 1130950 रुपये,2025 में लगभग 8 लाख रुपए भुगतान किए जाने संबंधी दस्तावेज प्राप्त हुआ है।
इनका कहना है,,,
मामलें की जांच कराई जाएगी, कल शाम तक जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जायेगी।
दिव्यांशु चौधरी IAS, सीईओ, जिला पंचायत डिंडौरी









