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MP News: पीड़ित से 30 हजार की रिश्वत लेते थानेदार का वाहन चालक रंगे हाथों गिरफ्तार

रिपोर्ट: Chetram Rajpoot February 21, 2026

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 – समझौता कराने के एवज में चौकी प्रभारी ने मांगी थी 1 लाख रुपये की रिश्वत, मामला दर्ज़

मध्यप्रदेश के रीवा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए लोकायुक्त संगठन ने एक बड़ी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया है। सेमरिया थाना क्षेत्र की चचाई चौकी से जुड़े मामले में 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए चौकी प्रभारी के वाहन चालक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है, जबकि चौकी प्रभारी के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

– ये है पूरा मामला?

आवेदक शिवकुमार कोल (60 वर्ष) निवासी ग्राम/पोस्ट चचाई, तहसील सेमरिया, जिला रीवा ने दिनांक 18 फरवरी 2026 को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी बहू श्रीमती मालती कोल का पड़ोसी छोटू कोल की पत्नी से विवाद हो गया था। इसके बाद छोटू कोल की पत्नी ने चचाई चौकी में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आवेदक के पुत्र पुष्पेंद्र कोल पर मारपीट और गलत कार्य करने का आरोप लगाया गया। शिकायत के बाद चौकी स्टाफ उनके घर पहुंचा और पूछताछ कर उन्हें चौकी प्रभारी से मिलने के लिए कहा गया। जब शिवकुमार कोल चौकी प्रभारी से मिले तो आरोप है कि सहायक उपनिरीक्षक एवं चौकी प्रभारी रामपाल दाहिया ने मामले में समझौता कराने के एवज में 1 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की।

आरोपी चौकी प्रभारी

– सत्यापन में सही पाई गई रिश्वत मांग

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त कार्यालय रीवा के पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार के निर्देशन में शिकायत का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग सही पाई गई, इसके बाद 20 फरवरी 2026 को पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में ट्रैप दल गठित कर कार्रवाई की गई।

– ऐसे रची गई ट्रैप की रणनीति

ट्रैप के दौरान आरोप है कि चौकी प्रभारी रामपाल दाहिया ने अपने वाहन चालक अंकुर कुशवाहा (30 वर्ष) निवासी सेमरिया को शिकायतकर्ता से रिश्वत राशि लेने के लिए भेजा। तय योजना के अनुसार जैसे ही शिकायतकर्ता ने 30,000 रुपये की रिश्वत की राशि सौंपी, लोकायुक्त टीम ने मौके पर दबिश देकर वाहन चालक अंकुर को रंगे हाथों पकड़ लिया।  कार्रवाई चचाई मोड़ स्थित मोहम्मद इस्लाम के घर के चौगान में की गई।

आरोपी वाहन चालक

– भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(क) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। मामले में आगे की विवेचना जारी है।

ट्रैप दल में शामिल अधिकारी

कार्रवाई का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार ने किया। टीम में निरीक्षक उपेंद्र दुबे सहित 12 सदस्यीय दल एवं दो स्वतंत्र शासकीय गवाह शामिल रहे।

– लोकायुक्त पुलिस की आमजन से अपील

लोकायुक्त संगठन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध उनकी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो आमजन लोकायुक्त संगठन रीवा से मोबाइल नंबर 98936 07619 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

रीवा में हुई इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और यह स्पष्ट संकेत है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई तय है।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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