डिंडौरी। पावन पर्व महाशिवरात्रि के अवसर पर तीन वर्षों से निरंतर संचालित “मैया अभियान” के सेवादारों ने हंस नगर उत्तर तट स्थित नर्मदा घाटों पर व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया। अभियान के तहत घाटों में फैली प्रदूषित सामग्री, प्लास्टिक, पूजन सामग्री एवं अन्य कचरे को एकत्रित कर साफ-सफाई की गई।
सेवादारों ने स्नान कर रहे श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पवित्र नर्मदा नदी के जल में साबुन, सोडा या अन्य रासायनिक पदार्थों का उपयोग न करें। साथ ही निर्माल्य, फूल-पत्तियों को जल में प्रवाहित करने के बजाय अलग एकत्रित करने के लिए प्रेरित किया गया।
अभियान से जुड़े सदस्यों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पर्वों के दौरान घाटों पर अत्यधिक भीड़ के कारण प्रदूषण बढ़ जाता है, जिससे माँ नर्मदा की पवित्रता प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा की सच्ची सेवा जल को निर्मल बनाए रखने और स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी निभाने में है।
कार्यक्रम के अंत में “मैया अभियान चलता रहे” और “माँ की सेवा दिल से कर” जैसे नारों के साथ जनजागरूकता का संदेश दिया गया।
इस स्वच्छता सेवा में जिला आयुष अधिकारी डॉ. संतोष परस्ते, प्राचार्य शाहिद खान, शिक्षक जितेन्द्र दीक्षित, नेहरू युवा केन्द्र समन्वयक आर.पी. कुशवाहा, प्रयास कोचिंग संचालक मनोज चौकसे, अरविंद मरावी, रवींद्र गवले, विद्यार्थी माही बरोतिया, राकेश पंद्राम, देवेन्द्र पट्टा, नीरज कोरचे एवं महेंद्र उचेहरा सहित अन्य सेवादारों ने श्रमदान कर माँ नर्मदा की सेवा में योगदान दिया। अभियान ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का दायित्व भी उतना ही महत्वपूर्ण है।








