डिंडौरी। जिले की जमीनी राजनीति से उभरकर प्रदेश स्तर तक पहचान बनाने वाले आदिवासी नेता अमर सिंह मार्को को कांग्रेस संगठन ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। हाल ही में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने के बाद संगठन ने उनका कद बढ़ाते हुए उन्हें मध्यप्रदेश आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम ने प्रदेश महासचिव नियुक्त किया है। इस नियुक्ति को जिले की राजनीति में एक अहम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश स्तर पर संगठन विस्तार और आदिवासी समाज के मुद्दों को मजबूती से उठाने के उद्देश्य से यह नियुक्ति की गई है। मार्को की सक्रियता, जनसरोकारों से जुड़ाव और संघर्षशील छवि को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जमीनी संघर्ष से मिली पहचान
अमर सिंह मार्को लंबे समय से क्षेत्रीय और आदिवासी मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे हैं। वे धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलनों के माध्यम से जनता की आवाज बुलंद करते रहे हैं। आंदोलन के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा, जिससे उनकी संघर्षशील छवि और मजबूत हुई।
वर्तमान में वे राघोपुर मारवारी बांध से प्रभावित और विस्थापित होने वाले लोगों के हक की लड़ाई सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ रहे हैं। विस्थापित परिवारों के पुनर्वास, मुआवजा और अधिकारों को लेकर उनका आंदोलन लगातार चर्चा में रहा है।
– संगठन को मिलेगी नई मजबूती
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमर सिंह मार्को की प्रदेश महासचिव के रूप में नियुक्ति से डिंडौरी सहित महाकौशल क्षेत्र में संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी। आदिवासी समाज के बीच उनकी मजबूत पकड़ और संघर्षशील छवि कांग्रेस संगठन के विस्तार में सहायक साबित हो सकती है।
संगठन द्वारा दी गई इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को अमर सिंह मार्को के राजनीतिक भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल है और इसे आदिवासी नेतृत्व को प्रदेश स्तर पर मजबूत प्रतिनिधित्व मिलने के रूप में देखा जा रहा








