– गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करने पीड़ित ने कलेक्टर से लगाई गुहार
– पुलिसिया कार्रवाई पर उठ रहे सवाल, आरोपी पर क्यों मेहरबान है पुलिस
डिंडौरी। जिले के गाड़ासरई थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खाम्हा निवासी अतिथि शिक्षक डीलन सिंह ठाकुर ने अपने ऊपर हुए कथित जानलेवा हमले के मामले में पुलिस द्वारा मामूली धाराओं में अपराध दर्ज करने से असंतुष्ट होकर कठोर धाराओं में अपराध दर्ज कराने की मांग को लेकर कलेक्टर से शिकायत की है। उन्होंने 21 जनवरी 2026 को घटी घटना को योजनाबद्ध प्राणघातक हमला बताते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

आवेदक डीलन सिंह ठाकुर (38 वर्ष), पिता चोबी सिंह ठाकुर, ने अपने आवेदन में बताया कि वह एकीकृत माध्यमिक शाला सरई में अतिथि शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। 21 जनवरी की सुबह लगभग 10:20 बजे वह मोटरसाइकिल से स्कूल जा रहे थे। खाम्हाहार बड़े परथुनाला के पास झाड़ियों में छिपे हरिसिंह गोंड ने उन पर कथित रूप से गोली चला दी, जो उनकी पीठ में लगी। गोली लगने से उनके कपड़ों में छेद हो गया और उन्हें चोट आई।
शिकायत में उल्लेख है कि आरोपी के हाथ में बंदूक एवं कुल्हाड़ी थी। घटना के बाद आरोपी ने जान से मारने की धमकी देते हुए जंगल की ओर भागने का प्रयास किया। आवेदक ने अपने भाई मोहित सिंह को मौके पर बुलाया और 112 डायल कर पुलिस सहायता ली। इसके बाद थाना गाड़ासरई में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

हालांकि, आवेदक का आरोप है कि पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2) एवं 351(2) के तहत सामान्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की, जबकि घटना को उन्होंने पूर्व नियोजित प्राणघातक हमला बताया है। उनका कहना है कि अब तक आरोपी से बंदूक जब्त नहीं की गई है और अन्य कथित साजिशकर्ताओं — चेतराम, राजेंद्र, रामेश्वर एवं चौधरी — के विरुद्ध भी कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि 31 जनवरी 2025 को उनके भाई मोहित सिंह पर भी दो नकाबपोश व्यक्तियों द्वारा धारदार हथियार से हमला किया गया था, जिसकी सूचना थाना डिंडौरी में दी गई थी, लेकिन आरोपियों की पहचान न होने के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी।

डीलन सिंह ठाकुर ने कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष एवं गंभीर जांच कराने, आरोपी तथा अन्य कथित साजिशकर्ताओं के विरुद्ध प्राणघातक हमले की धाराओं में अपराध पंजीबद्ध करने तथा सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।








