डिंडौरी न्यूज । कैबिनेट मंत्री कुंवर विजय शाह के सेना को लेकर दिए गए बयान के समर्थन में अनुसूचित जाति–जनजाति छात्र संघ, डिंडौरी द्वारा एकजुट होकर राष्ट्रपति महोदया एवं राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। छात्र संघ ने इस दौरान मंत्री शाह पर लगाए जा रहे आरोपों को अनुचित बताते हुए पूरे मामले को समाप्त करने की मांग की।
छात्र संघ के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि मंत्री विजय शाह से एक भाषाई भूल हुई थी, जिस पर उन्होंने सार्वजनिक रूप से चार बार माफी भी मांग ली है। इसके बावजूद उनके खिलाफ समाज में विद्वेष फैलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं और लगातार मीडिया ट्रायल के माध्यम से उन्हें ट्रोल किया जा रहा है, जो पूरी तरह से गलत और दुर्भावनापूर्ण है।
छात्र संघ ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी कई बड़े नेताओं द्वारा इसी तरह के बयान दिए गए हैं, लेकिन न तो उनसे माफी मांगी गई और न ही इस प्रकार का मीडिया ट्रायल किया गया। मंत्री विजय शाह के साथ हो रहा व्यवहार उनके आदिवासी वर्ग से आने के कारण हो सकता है, जो अत्यंत निंदनीय है।
संघ के नेताओं ने कहा कि कुंवर विजय शाह प्रदेश के वरिष्ठ आदिवासी नेता हैं और उन्होंने लंबे समय से आदिवासी समाज के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। यही कारण है कि उनके खिलाफ सुनियोजित प्रयास किए जा रहे हैं ताकि आदिवासी और दलित नेतृत्व को कमजोर किया जा सके। इसे छात्र संघ ने कुंठित और दुर्भावनापूर्ण प्रयास बताया।
इस अवसर पर छात्र संघ के जिला अध्यक्ष सतीश झारिया ने महामहिम राष्ट्रपति महोदया से मांग की कि मंत्री विजय शाह द्वारा मांगी गई माफी को स्वीकार कर इस पूरे प्रकरण को यहीं समाप्त किया जाए, ताकि समाज में अनावश्यक तनाव और भ्रम की स्थिति न बने।
ज्ञापन सौंपने के दौरान एडवोकेट शुभम चौधरी, जिला अध्यक्ष सतीश झारिया, प्रदेश उपाध्यक्ष महेश अहिरवार, उग्रेश नागेश, योगेश टेकाम, यशवंत हंसराज, यश परस्ते, शिवम मिथलेश, मोहन धुर्वे, राजेश कुमार, राजकुमार नागेश, संतोष नेती, गंगाराम कुलस्ते, सतेंद्र कुलस्ते, राजेंद्र धुर्वे, मनीष परस्ते, सचिन झारिया, कपिश झारिया, दुर्गेश कुमार अहिरवार, मनीष कुमार परस्ते सहित सैकड़ों की संख्या में छात्र उपस्थित रहे।








