– सामग्री भुगतान लंबित होने से पूर्ण कार्य भी दिख रहे ‘चालू’, कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग
डिंडौरी न्यूज | जिले में मनरेगा योजना के अंतर्गत निर्माण कार्यों की प्रगति और भुगतान व्यवस्था को लेकर नया विवाद सामने आया है। 20 से अधिक निर्माण कार्य ‘चालू’ दर्शाए जाने के कारण ग्राम पंचायतों में नए कार्यों का मस्टर जारी नहीं हो पा रहा है, जिससे जॉब कार्डधारी मजदूरों को रोजगार मिलने में बाधा उत्पन्न हो रही है। इस संबंध में राष्ट्रीय सरपंच संघ के प्रदेश संगठन मंत्री रायसिंह मरकाम ने कलेक्टर डिण्डौरी को प्रार्थना पत्र सौंपकर शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की है।
प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि जिले की सभी जनपद पंचायतों के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में मनरेगा से स्वीकृत 20 निर्माण कार्यों की सीमा पूरी होने के कारण नए कार्यों का मस्टर जारी नहीं किया जा रहा है। जबकि इनमें से कई निर्माण कार्य स्थल पर पूर्ण हो चुके हैं, लेकिन अप्रैल 2025 से अब तक सामग्री भुगतान लंबित होने के कारण वे पोर्टल पर ‘चालू’ की श्रेणी में दिख रहे हैं।
इस तकनीकी स्थिति के चलते नए निर्माण कार्यों को टी.एस. और ए.एस. स्वीकृति मिलने के बावजूद मस्टर जारी नहीं हो पा रहा है। परिणामस्वरूप जॉब कार्डधारी मजदूरों को समय पर रोजगार उपलब्ध नहीं हो रहा है और कई मजदूरों के 100 दिवस के रोजगार की पूर्ति भी शेष है। ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक निर्भरता मनरेगा पर होने के कारण यह स्थिति मजदूर परिवारों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
रायसिंह मरकाम ने मांग की है कि जिन निर्माण कार्यों को स्थल पर पूर्ण करा लिया गया है और केवल सामग्री भुगतान शेष है, उन्हें 20 चालू कार्यों की गणना में शामिल न किया जाए। साथ ही नए निर्माण कार्यों के लिए मस्टर जारी करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं, ताकि मजदूरों को रोजगार मिल सके और विकास कार्यों की गति प्रभावित न हो। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र निर्णय लिया जाए, जिससे मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराने का उद्देश्य पूरा हो सके।







