डिंडौरी न्यूज। जिले की जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कुकर्रामठ में मनरेगा एवं अन्य शासकीय योजनाओं में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत की सरपंच उर्मिला धुर्वे ने जिला पंचायत डिंडौरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपते हुए ग्राम रोजगार सहायक तुलाराम ठाकुर पर भ्रष्टाचार, फर्जी भुगतान और नियमों की खुली अवहेलना के गंभीर आरोप लगाए हैं।
सरपंच द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार वर्ष 2024 में नियुक्त ग्राम रोजगार सहायक तुलाराम ठाकुर ने पदभार ग्रहण करने के बाद से लगातार मनरेगा योजनाओं में अनियमितताएं की हैं। आरोप है कि सरपंच एवं सचिव के हस्ताक्षर तथा बिना मांग पत्र के मस्टर रोल जारी कर दिए गए और बिना कार्य कराए ही कई जॉब कार्डधारियों को भुगतान करा दिया गया। शिकायत में दर्जनों जॉब कार्ड नंबर एवं मस्टर रोल क्रमांक का उल्लेख करते हुए इनके जियो-टैग से मिलान कर वास्तविक कार्य की जांच की मांग की गई है।
– रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने का आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि ग्राम रोजगार सहायक ने अपने पिता, चाचा-चाची तथा अन्य रिश्तेदारों के नाम पर फर्जी हाजिरी दर्ज कराई। आरोप है कि साधुराम टोला के जिन व्यक्तियों के नाम मस्टर रोल में दर्ज हैं, वे ग्राम पंचायत कुकर्रामठ से लगभग 4 किलोमीटर दूर रहते हैं और दूरी अधिक होने के कारण कार्य स्थल पर उपस्थित ही नहीं होते। इसके बावजूद नदी शुद्धीकरण, घाट निर्माण, नाली विस्तार जैसे कार्यों में उनके नाम पर भुगतान किया गया।
इतना ही नहीं, ग्राम रोजगार सहायक के चाचा का बेटा पिछले करीब 5 वर्षों से अमरकंटक में परिवार सहित निवासरत है, इसके बावजूद नाली विस्तार कार्य में उसकी 6 दिवस की हाजिरी दर्ज की गई है। आधार कार्ड में भी उसका पता अमरकंटक का बताया गया है, जो फर्जीवाड़े की ओर इशारा करता है।
– अयोग्य हितग्राहियों को मनरेगा कार्य
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जीएसटी एवं आयकर दाता व्यक्तियों को भी मनरेगा का कार्य दिया गया, जो नियमों के विरुद्ध है। संबंधित जॉब कार्ड नंबरों का उल्लेख करते हुए इस बिंदु की भी जांच की मांग की गई है।
– प्रधानमंत्री आवास योजना में भी गड़बड़ी
सरपंच ने प्रधानमंत्री आवास योजना में भी गंभीर अनियमितता का आरोप लगाया है। वार्ड क्रमांक 15 के हितग्राही कृष्णकुमार का आवास वर्ष 2022 में स्वीकृत हुआ था, लेकिन जियो-टैग किए गए स्थान पर आवास का निर्माण नहीं हुआ। आरोप है कि ग्राम रोजगार सहायक ने किसी पुराने मकान की फोटो अपलोड कर बिना निर्माण कराए ही भुगतान करवा दिया, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।
– खेत तालाब और मैट नियुक्ति में भी अनियमितता
मनरेगा अंतर्गत खेत तालाब निर्माण में भी मृत व्यक्ति के नाम पर कार्य स्वीकृत कराए जाने तथा मिलीभगत से निर्माण कराने के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही, ग्राम सभा से अनुमोदित पुराने मैटों को हटाकर बिना प्रस्ताव के अपने रिश्तेदारों को फर्जी मैट के रूप में नियुक्त कर रजिस्ट्रेशन किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।
– पुलिया निर्माण फाइल रोकने का आरोप
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि शासन से स्वीकृत पुलिया निर्माण की फाइल ग्राम रोजगार सहायक द्वारा अपने पास रोककर रखी गई है, जिससे मस्टर रोल जारी नहीं हो पा रहा और लंबे समय से निर्माण कार्य ठप है। इससे ग्रामीणों को आवागमन और कृषि कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
– उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग
सरपंच उर्मिला धुर्वे ने मांग की है कि सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी ग्राम रोजगार सहायक को तत्काल पद से पृथक किया जाए तथा ग्राम पंचायत कुकर्रामठ में किसी अन्य योग्य कर्मचारी की नियुक्ति की जाए, ताकि शासन की जनहितकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंच सके।







