डिंडौरी/समनापुर। डिंडौरी जिले की जनपद पंचायत समनापुर में जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का गंभीर मामला सामने आया है। जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित सभी जनपद सदस्यों ने कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपते हुए प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
शिकायत में जनपद पंचायत अध्यक्ष पावंति कुशराम और उपाध्यक्ष नीतू बर्मन ने आरोप लगाया कि जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) द्वारा शिक्षा समिति, स्वास्थ्य समिति, वन समिति और निर्माण समिति जैसी महत्वपूर्ण समितियों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित नहीं की जा रही हैं। इसके चलते जनपद स्तर पर योजनाओं की समीक्षा और निगरानी प्रभावित हो रही है।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि विकास कार्यों और विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी भी उन्हें समय पर नहीं दी जाती, जिससे निर्वाचित प्रतिनिधि अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस स्थिति के कारण जनपद सदस्य स्वयं को उपेक्षित और ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
जनपद अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों ने कलेक्टर से मांग की है कि जनपद सदस्यों और संबंधित विभागों की नियमित बैठकें आयोजित कराई जाएं, ताकि योजनाओं की पारदर्शिता बनी रहे और विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जनपद अध्यक्ष और सदस्यों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि आगे से संबंधित समितियों और विभागों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी, ताकि जनप्रतिनिधियों की भूमिका सशक्त हो और विकास कार्यों में समन्वय बना रहे।
