डिंडौरी। जिले के गाड़ासरई थाना क्षेत्र के ग्राम धवाडोंगरी स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में बड़े पैमाने पर अनियमितता और राशन गबन का मामला सामने आया है। मामले में दुकान संचालक छत्रपति मरावी पिता हीरालाल मरावी के विरुद्ध जांच के बाद पुलिस में एफआईआर दर्ज की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सहायक आपूर्ति अधिकारी शमीम ख़ान द्वारा की गई जांच में यह पाया गया कि कोटेदार छत्रपति मरावी ने शासन से प्राप्त 222.77 क्विंटल चावल, 56.39 क्विंटल गेहूं, 54 किलोग्राम शक्कर और 40 किलोग्राम नमक का गबन किया है। इस गबन की कुल राशि ₹10,56,361 आँकी गई है।
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित विक्रेता ने वास्तविक लाभार्थियों को राशन वितरण किए बिना, AEPS पोर्टल पर फर्जी प्रविष्टियाँ दर्ज कीं। पोर्टल और वितरण रजिस्टर के मिलान में भारी विसंगतियाँ पाई गईं। ग्राम धवाडोंगरी की उचित मूल्य दुकान (कोड 3905005) में पंजीकृत 523 कार्डधारकों में से अधिकांश को समय पर राशन नहीं मिला।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2015 की धारा 10(4), 11(1), 11(2), 11(3), 11(9) तथा खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 की धारा 32(2) के अंतर्गत यह कृत्य दंडनीय पाया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला आपूर्ति अधिकारी ने कोटेदार छत्रपति मरावी को तत्काल निलंबित करते हुए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी किए।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, बजाग के आदेश पर सहायक आपूर्ति अधिकारी शमीम ख़ान ने आज दिनांक 3 नवम्बर 2025 को पुलिस थाना गाड़ासरई में आरोपी विक्रेता छत्रपति मरावी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 312/2025 धारा 316(5) बीएनएस तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मामला पंजीबद्ध कराया है।













