डिंडौरी। जिला पंचायत ने ग्राम पंचायत बिलाईखार के सचिव बिरसिंह धुर्वे के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह आदेश मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत डिण्डौरी द्वारा जारी किया गया है।
— जारी आदेश के मुताबिक
जानकारी के अनुसार, बिलाईखार ग्राम पंचायत में शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही, योजनाओं के क्रियान्वयन में रुचि न लेने और कार्यालय से लगातार अनुपस्थित रहने की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। बताया गया कि पंचायत क्षेत्र में समग्र e-KYC के 545 हितग्राहियों का कार्य लंबित है, जिससे पंचायत की प्रगति प्रभावित हुई। ग्रामीणों और सरपंच के बीच विवाद की स्थिति भी निर्मित हो रही थी।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, बजाग जनपद पंचायत द्वारा पूर्व में कई बार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, लेकिन कार्यप्रणाली में सुधार नहीं पाया गया। इसके अतिरिक्त, वित्तीय अनियमितता के आरोपों की जांच के लिए जनपद स्तरीय समिति गठित की गई थी। जांच में 1 लाख 84 हजार रुपये की अनियमितता सामने आई, जिसके आधार पर देयता निर्धारण प्रकरण दर्ज कर 92 हजार रुपये की वसूली का आदेश 29 जनवरी 2026 को पारित किया गया।
जिला पंचायत ने अपने आदेश में उल्लेख किया है कि संबंधित सचिव का कृत्य म.प्र. पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 के नियम 3 का उल्लंघन है, जो अनुशासनहीनता, कर्तव्य के प्रति उदासीनता और वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। इसी के तहत म.प्र. पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1999 के नियम-4 के अंतर्गत उन्हें निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा तथा उनका मुख्यालय जनपद पंचायत बजाग निर्धारित किया गया है। पंचायत कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए ग्राम रोजगार सहायक सुखदेव सिंह धुर्वे को सचिव का अतिरिक्त प्रभार आगामी आदेश तक सौंपा गया है।
जिला पंचायत के इस कड़े कदम को प्रशासनिक सख्ती के रूप में देखा जा रहा है, जिससे पंचायतों में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का संदेश गया है।








