– समय पर पंचायत कार्यालय नहीं पहुंचने, संबल योजना के आवेदनों का सत्यापन लंबित रखने और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए परेशान करने का आरोप
डिंडौरी न्यूज । जनपद पंचायत समनापुर की ग्राम पंचायत अतरिया में पदस्थ सचिव राजेंद्र टांडिया पर कथित लापरवाही और पंचायत संबंधी कार्यों में देरी के आरोप लगे हैं। इस संबंध में ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) को लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में सचिव राजेन्द्र दास टांडिया पर समय पर पंचायत कार्यालय नहीं पहुंचने, मोबाइल फोन पर उपलब्ध नहीं रहने तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने से संबंधित प्रक्रियाओं में देरी करने के आरोप लगाए गए हैं।
ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत शिकायत के अनुसार, पंचायत सचिव की कथित कार्यप्रणाली के कारण गरीब और मजदूर परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ताओं ने जिला पंचायत CEO से मामले की जांच कर ग्रामीणों को राहत दिलाने और संबंधित सचिव के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
– संबल योजना के आवेदनों का सत्यापन नहीं होने का आरोप
शिकायत में संबल योजना के तहत ऑनलाइन किए गए आवेदनों का सत्यापन नहीं होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सत्यापन की प्रक्रिया लंबित रहने के कारण पात्र परिवारों को शासन की योजनाओं का लाभ मिलने में देरी हो रही है। शिकायतकर्ताओं ने इस प्रक्रिया को समय पर पूरा कराने की मांग की है, ताकि जरूरतमंद परिवारों को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।
– अंत्येष्टि सहायता राशि मिलने में देरी की शिकायत
ग्रामीणों ने शिकायत में अंत्येष्टि सहायता राशि के भुगतान में भी अनियमितता जैसी स्थिति होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराए जाने के बजाय छह से सात महीने बाद मिलने की परेशानी सामने आती है, जबकि पंचायत सचिव द्वारा संबल योजना के तहत अंत्येष्टि सहायता राशि तत्काल आहरित कर ली जाती है, जिसे दाह संस्कार के दौरान परिजनों को देने का प्रावधान है लेकिन सचिव गरीब मजदूरों की राशि को महीनों तक दबाकर रखता है। शिकायतकर्ताओं ने इस देरी को गंभीर बताते हुए संबंधित प्रक्रिया की जांच और समय पर सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
– जॉब कार्ड के ई-केवाईसी और सत्यापन में परेशानी
शिकायत के अनुसार, जॉब कार्ड का ई-केवाईसी और सत्यापन नहीं हो पाने के कारण भी ग्रामीणों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि इसके चलते कुछ लोगों को दूसरे राज्यों में जाकर सत्यापन कराने जैसी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों ने संबंधित अभिलेखों और सत्यापन प्रक्रिया की जांच कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
– जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भटकने का आरोप
ग्रामीणों ने जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में भी परेशानी होने की बात कही है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रमाण पत्र समय पर नहीं बनने के कारण लोगों को लोक सेवा केंद्र का सहारा लेना पड़ता है। इसके अलावा, शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पंचायत कार्यालय आने पर भी कई बार संबंधित कार्य नहीं हो पाते और उन्हें दोबारा आना पड़ता है।
– सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद भी समाधान की मांग
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि पंचायत सचिव की कथित लापरवाही को लेकर उनके द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर भी लगातार शिकायतें की जा रही हैं। इसके बावजूद ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला पंचायत CEO से हस्तक्षेप करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने शिकायत के माध्यम से आग्रह किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, पंचायत सचिव की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाए और गरीब एवं मजदूर परिवारों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
