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विधायक के निर्देश भी बेअसर! देवरी माल में 4.88 एकड़ शासकीय भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत, कार्रवाई का इंतजार कर रहे ग्रामीण

एडीटर: Chetram Rajpoot October 29, 2026

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– देवरी माल में सरकारी रास्ते से लेकर खेत तक कब्जे की शिकायत, ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार को सौंपा आवेदन

– सात दिन में कार्रवाई नहीं होने पर तहसील घेराव और चक्काजाम की चेतावनी

डिंडौरी/अमरपुर। जिले की अमरपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरी माल में शासकीय भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने शासकीय रास्तों और भूमि पर अतिक्रमण किए जाने की शिकायत नायब तहसीलदार अमरपुर से करते हुए सीमांकन, अतिक्रमण हटाने और संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए लिखित आवेदन में खसरा नंबर 22, 428 और 456 सहित विभिन्न स्थानों पर शासकीय भूमि पर कब्जे के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में खसरा नंबर 22 की करीब 4.88 एकड़ भूमि पर जेसीबी मशीन से जमीन समतल कर खेत बनाए जाने का भी उल्लेख है।

ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय भूमि और आवागमन के रास्तों पर कथित कब्जे के कारण गांव के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि इस संबंध में पहले भी अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन अब तक मौके पर सीमांकन और बेदखली की कार्रवाई नहीं हुई है। हालांकि, इन आरोपों और पूर्व में दिए गए निर्देशों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

– शासकीय मुरम सड़क पर कब्जे का आरोप

ग्रामीणों के आवेदन के अनुसार, खसरा नंबर 456 की शासकीय भूमि पर रमेश महाराज के घर से चंद्रभान के खेत तक बनी मुरम सड़क पर चरणसिंह पिता रोहन द्वारा कब्जा किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का हिस्सा कब्जे में लिए जाने से ग्रामीणों के आवागमन का रास्ता बाधित हो रहा है। यदि रास्ता शासकीय अभिलेखों में दर्ज है, तो उसकी वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए सीमांकन और राजस्व रिकॉर्ड की जांच आवश्यक है।

– शासकीय मार्ग पर मकान और मुख्य सड़क किनारे टपर निर्माण की शिकायत

आवेदन में खसरा नंबर 428 स्थित शासकीय मार्ग पर गोपी पिता देवीसिंह द्वारा मकान निर्माण किए जाने का आरोप लगाया गया है। वहीं, जगदीश पिता रोहन पर मुख्य सड़क के किनारे टपर लगाकर कब्जा करने की शिकायत की गई है।

ग्रामीणों ने इन स्थानों की जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि संबंधित निर्माण शासकीय भूमि पर हैं या नहीं। उनका कहना है कि राजस्व विभाग द्वारा मौके का निरीक्षण कर सीमांकन किया जाना चाहिए, ताकि अतिक्रमण की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

– खसरा नंबर 22 की 4.88 एकड़ भूमि पर जेसीबी चलाने का आरोप

इस पूरे मामले में खसरा नंबर 22 की करीब 4.88 एकड़ शासकीय भूमि को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर शिकायत की है। आवेदन में चरणसिंह, जगदीश, राधेश्याम, गोपी और रामकुमार सहित अन्य लोगों पर उक्त भूमि पर जेसीबी मशीन चलाकर जमीन को खेत के रूप में विकसित करने का आरोप लगाया गया है।

ग्रामीणों के अनुसार, संबंधित भूमि शासकीय है और उसके उपयोग तथा कब्जे की स्थिति की जांच की जानी चाहिए। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जमीन को समतल कर कृषि भूमि जैसा स्वरूप दे दिया गया है। हालांकि, भूमि का वास्तविक रकबा, उसका दर्ज उपयोग, स्वामित्व और कथित अतिक्रमण की स्थिति राजस्व अभिलेखों तथा स्थल निरीक्षण से ही स्पष्ट हो सकेगी।

– विधायक के निर्देशों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का दावा

ग्रामीणों ने शिकायत में दावा किया है कि शहपुरा विधायक द्वारा पूर्व में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद संबंधित राजस्व अधिकारियों द्वारा अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई है।

ग्रामीणों का सवाल है कि यदि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत पहले से अधिकारियों के संज्ञान में है, तो अब तक सीमांकन और नियमानुसार बेदखली की प्रक्रिया क्यों पूरी नहीं की गई। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों का पक्ष और विधायक द्वारा दिए गए कथित निर्देशों का विवरण सामने आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

– सात दिन का अल्टीमेटम, तहसील घेराव और चक्काजाम की चेतावनी

ग्रामीणों ने अपने आवेदन के माध्यम से प्रशासन से मांग की है कि शिकायत में उल्लेखित सभी स्थलों का सीमांकन कराया जाए, शासकीय भूमि और रास्तों पर अतिक्रमण की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा आवागमन के बाधित मार्गों को बहाल कराया जाए।

आवेदन में चेतावनी दी गई है कि यदि सात दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की गई, तो समस्त ग्रामवासी अमरपुर तहसील का घेराव करेंगे और समनापुर-अमरपुर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम करेंगे। ग्रामीणों ने प्रस्तावित आंदोलन की जिम्मेदारी प्रशासन पर होने की बात भी कही है।

– जांच और कार्रवाई पर टिकी ग्रामीणों की नजर

देवरी माल में शासकीय भूमि पर कथित कब्जे की शिकायत ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन शिकायत में दर्ज खसरा नंबरों का सीमांकन कराता है या नहीं और जांच में अतिक्रमण की पुष्टि होने पर क्या कार्रवाई की जाती है।

इनका कहना हैं कि ,,,

नोटिस जारी किया गया हैं , यदि स्वयं नहीं हटाते तो हम जा कर हटवाएंगे ।

भारत सिंह वट्टे, नायब तहसीलदार अमरपुर

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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