—Advertisement—

गांधी जयंती पर जयस का बड़ा ऐलान: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन को समर्थन, डिंडौरी में भी होगा विरोध

एडीटर: Chetram Rajpoot October 2, 2026

—Advertisement—

– गांधी जयंती पर जयस की जिला कार्यकारिणी बैठक, संगठन विस्तार के साथ ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन की रणनीति पर मंथन

– SIR को लेकर देशभर में उठ रहे सवालों के बीच जयस डिंडौरी ने आंदोलन का समर्थन करने का लिया निर्णय, आगामी दिनों में जिले में आंदोलन की तैयारी

डिंडौरी न्यूज । गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) की जिला कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर की गई। इस दौरान जयस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, शांति और सामाजिक एकता के विचारों को याद करते हुए उनके आदर्शों को युवाओं एवं समाज तक पहुंचाने का संकल्प लिया। बैठक को संबोधित करते हुए जयस जिला अध्यक्ष नागेंद्र सिंह धुर्वे ने महात्मा गांधी के राष्ट्र निर्माण में योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से देश को एकजुट करने का संदेश दिया था। युवाओं को उनके विचारों से प्रेरणा लेकर समाज में शांति, भाईचारे और एकता का वातावरण बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

– ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन पर चर्चा

बैठक में मुख्य रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तथा Special Intensive Revision (SIR) को लेकर चल रहे विवाद पर चर्चा हुई। जयस पदाधिकारियों ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक निर्णय प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। जयस की ओर से आरोप लगाया गया कि निर्वाचन आयोग से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण निर्णयों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा एकतरफा निर्णय लिए गए तथा अन्य चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। इसी आधार पर संगठन ने निर्वाचन प्रक्रिया और SIR को लेकर देशभर में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों का समर्थन करने का निर्णय लिया।

गौरतलब है कि सितंबर 2026 में SIR को लेकर निर्वाचन आयोग के भीतर निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठे थे। द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों के दौरान SIR से जुड़े विभिन्न कदमों पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं।

हालांकि, निर्वाचन आयोग ने इन रिपोर्टों के संदर्भ में कहा है कि अलग-अलग राय और टिप्पणियां बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था की सामान्य निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हैं और आयोग के सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

– डिंडौरी में आगामी दिनों में आंदोलन की तैयारी

जयस जिला कार्यकारिणी ने बैठक में निर्णय लिया कि देशभर में चल रहे इस आंदोलन के समर्थन में आगामी दिनों में डिंडौरी जिले में भी आंदोलनात्मक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। बैठक में जयस पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली, निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े विषयों पर आम नागरिकों एवं युवाओं को जागरूक करना आवश्यक है। संगठन ने जिलेवासियों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं से निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता अभियान एवं लोकतांत्रिक तरीके से विरोध में भाग लेने का आह्वान किया।

– जयस जिला कार्यकारिणी का विस्तार

बैठक के दौरान जयस की जिला कार्यकारिणी के विस्तार की घोषणा भी की गई। संगठन द्वारा वीरेंद्र टेकाम को डिंडौरी नगर अध्यक्ष, अंकित धुर्वे को नगर उपाध्यक्ष तथा कुलदीप मरावी को शाहपुर मंडल उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। नवनियुक्त पदाधिकारियों को संगठन की विचारधारा एवं उद्देश्यों के अनुरूप सक्रियता से कार्य करने तथा अधिक से अधिक युवाओं को संगठन से जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई।

– पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की रही मौजूदगी

बैठक में जयस जिला संगठन मंत्री डिगम्बर सिंह पटटा, कार्यकारिणी अध्यक्ष राजकुमार नेटी, शहपुरा प्रभारी सत्यप्रकाश धुर्वे, करंजिया ब्लॉक अध्यक्ष अभिलाष श्याम सहित जिला एवं मंडल स्तर के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक के अंत में संगठन विस्तार, आगामी आंदोलनात्मक कार्यक्रमों तथा युवाओं को संगठन से जोड़ने को लेकर पदाधिकारियों के बीच विचार-विमर्श किया गया।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

Leave a Comment