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राजस्व-वन विभाग ने संभाला मोर्चा, वनग्रामों को राजस्व ग्राम बनाने की प्रक्रिया होगी तेज

एडीटर: Chetram Rajpoot September 26, 2026

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– राजस्व-वन विभाग के संयुक्त प्रशिक्षण में पटवारियों और वनरक्षकों को 15 दिन में अभिलेख तैयार करने के निर्देश

डिंडौरी न्यूज । जिले में वनग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया को गति देने के लिए राजस्व एवं वन विभाग के मैदानी अमले को आवश्यक प्रशिक्षण एवं दिशा-निर्देश दिए गए। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया एवं वनमंडलाधिकारी डिंडौरी के मार्गदर्शन में शनिवार को राजस्व एवं वन विभाग का संयुक्त प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण में राजस्व विभाग के पटवारियों के साथ वन विभाग के 26 वनरक्षकों ने भाग लिया। मास्टर ट्रेनर्स ने MPSEDC से प्राप्त नक्शों के आधार पर वनग्रामों में काबिज भूमिस्वामियों को प्राप्त पट्टों के अनुरूप आवश्यक भू-अभिलेख तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य वनग्रामों के राजस्व ग्रामों में परिवर्तन की प्रक्रिया से जुड़े अभिलेखीय कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करना रहा।

– 15 दिन में तैयार करने होंगे महत्वपूर्ण अभिलेख

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों को 15 दिवस की समय-सीमा में विभिन्न आवश्यक राजस्व अभिलेख तैयार करने के निर्देश दिए गए। इनमें अधिकार अभिलेख, खसरा यानी फील्ड बुक, किस्तबंदी एवं जमाबंदी, पुनर्क्रमांकित रजिस्टर तथा दखलरहित भूमि से संबंधित अभिलेख शामिल हैं।

इसके अलावा निस्तार पत्रक एवं वाजिब-उल-अर्ज जैसे अभिलेख तैयार करने की प्रक्रिया के संबंध में भी मैदानी अमले को आवश्यक जानकारी दी गई।

– राजस्व और वन अमले में समन्वय पर जोर

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने वनग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया में राजस्व एवं वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय को महत्वपूर्ण बताया। मैदानी अमले को निर्देशित किया गया कि संबंधित क्षेत्रों में कार्य करते समय आपसी समन्वय स्थापित कर अभिलेख तैयार किए जाएं और निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा किया जाए।

अधिकारियों ने अभिलेख तैयार करने के दौरान केवल समय-सीमा का पालन ही नहीं, बल्कि कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया। इसके लिए मैदानी स्तर पर उपलब्ध जानकारी और संबंधित दस्तावेजों का समन्वित रूप से परीक्षण करते हुए अभिलेख तैयार करने के निर्देश दिए गए।

– तहसील से लेकर वन परिक्षेत्र स्तर तक अधिकारी रहे मौजूद

संयुक्त प्रशिक्षण में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रामबाबू देवांगन, संयुक्त कलेक्टर भारती मेरावी एवं वन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी सुरेंद्र सिंह जाटव सहित जिले के संबंधित तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और वन रेंजर उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण के समापन पर अधिकारियों ने मैदानी अमले को निर्देशित किया कि वनग्रामों से संबंधित अभिलेखीय कार्य को आपसी समन्वय के साथ प्राथमिकता से पूरा किया जाए। साथ ही निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण कर वनग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

इस पहल से वनग्रामों में निवासरत भूमिस्वामियों से संबंधित भू-अभिलेखों को व्यवस्थित रूप से तैयार करने और राजस्व ग्रामों में परिवर्तन की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।

 

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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