– भोपाल पुलिस मुख्यालय में 44वें-45वें बैच से संवाद, साइबर अपराध से निपटने के लिए AI और तकनीकी दक्षता पर दिया जोर
भोपाल। पुलिस सेवा में निष्पक्षता, ईमानदारी और संवेदनशीलता को सर्वोपरि बताते हुए मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने युवा अधिकारियों को कर्तव्यनिष्ठ और जनोन्मुखी पुलिसिंग का संदेश दिया। वे पुलिस मुख्यालय, भोपाल में 44वें एवं 45वें बैच के प्रशिक्षु डीएसपी अधिकारियों से संवाद कर रहे थे।
डीजीपी मकवाणा ने कहा कि एक पुलिस अधिकारी की वास्तविक पहचान उसकी निष्पक्षता, ईमानदारी और संवेदनशील व्यवहार से होती है। उन्होंने अधिकारियों को अनुशासन, समर्पण और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की प्रेरणा दी।

उन्होंने वर्तमान समय में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों को बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि अधिकारियों को लगातार नई तकनीकों से खुद को अपडेट रखना होगा। इसके लिए IGOT Karmayogi के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर कौशल विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।
डीजीपी ने कहा कि पुलिस सेवा केवल कानून लागू करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज सेवा का एक सशक्त जरिया भी है। ऐसे में जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता और अपराधियों के प्रति कठोरता—दोनों का संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है।
प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद फील्ड में पदस्थापना के दौरान अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध अनुसंधान को मजबूत करने और आमजन से बेहतर संवाद स्थापित करने की जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि हर सूचना का सत्यापन करते हुए त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि ये युवा अधिकारी ईमानदारी, निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए समाज में सुरक्षा, न्याय और विश्वास को और अधिक मजबूत करेंगे।










