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जनपद पंचायत में बड़ा भ्रष्टाचार कांड! CEO पर 10% कमीशन, फर्जी बिल और वसूली के गंभीर आरोप

akvlive.in

Published

– जनपद पंचायत बीजाडांडी की CEO के खिलाफ शिकायत, पद से हटाने और उच्च स्तरीय जांच की मांग

मध्यप्रदेश के मंडला जिले की जनपद पंचायत बीजाडांडी में पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्रीमती बसंती दुबे के खिलाफ गंभीर आरोपों का मामला सामने आया है। इस संबंध में कलेक्टर मंडला को एक विस्तृत शिकायत पत्र सौंपते हुए उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच और तत्काल पद से हटाने की मांग की गई है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि श्रीमती दुबे की कार्यप्रणाली जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों के प्रति नकारात्मक एवं असंवेदनशील रही है, जिससे पंचायत स्तर पर कार्य प्रभावित हो रहे हैं। क्षेत्र के सरपंच, सचिव एवं अन्य जनप्रतिनिधि उनके व्यवहार और कार्यशैली से अत्यंत परेशान बताए जा रहे हैं।

पत्र में कई गंभीर आरोपों का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि ग्राम पंचायतों में होने वाले निर्माण कार्यों में खुलकर कमीशन की मांग की जाती है। यदि सरपंच या सचिव कमीशन देने से मना करते हैं, तो उनके कार्यों में जानबूझकर बाधाएं उत्पन्न की जाती हैं और जांच के नाम पर दबाव बनाया जाता है।

जनपद पंचायत सीईओ के विरुद्ध सरपंचों ने लगाए गंभीर आरोप

इसके अलावा सांसद निधि, विधायक निधि एवं अन्य विकास कार्यों की फाइलों को अनावश्यक रूप से रोककर जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाने की बात भी सामने आई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पंचायत खातों में आने वाली राशि में लगभग 10 प्रतिशत तक कमीशन की मांग की जाती है।

शिकायत में यह भी आरोप है कि नव नियुक्त ग्राम पंचायत सचिवों के वेतन से अवैध वसूली की जा रही है। वहीं प्रशासनिक मद एवं ब्याज राशि के नाम पर जबलपुर से फर्जी बिल लगाकर भुगतान कराने की भी बात सामने आई है।

वर्ष 2025-26 में आयोजित मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह कार्यक्रम में टेंट, भोजन एवं अन्य व्यवस्थाओं के भुगतान को लेकर भी लाखों रुपये के कमीशन का आरोप लगाया गया है। इस मामले में जनपद पंचायत उपाध्यक्ष द्वारा भी पूर्व में शिकायत की जा चुकी है।

शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख है कि श्रीमती दुबे के खिलाफ पूर्व में अन्य स्थानों पर भी इसी प्रकार के आरोप लगे हैं और विभागीय जांच भी जारी रही है। साथ ही आदिवासी क्षेत्र के भोले-भाले जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाकर अवैध वसूली किए जाने की बात कही गई है, जिससे पंचायत कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं।

इन परिस्थितियों के चलते जनपद पंचायत बीजाडांडी की प्रशासनिक व्यवस्था पर असर पड़ने और जनप्रतिनिधियों में आक्रोश बढ़ने की बात सामने आई है। शिकायतकर्ता ग्राम पंचायत के सरपंचों ने कलेक्टर से मांग की है कि श्रीमती बसंती दुबे को तत्काल पद से हटाकर उनके खिलाफ उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो जिले के त्रिस्तरीय पंचायत जनप्रतिनिधि एवं कर्मचारी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..