– सीएम मोहन यादव ने कहा शिथिलता बर्दाश्त नहीं
भोपाल न्यूज । डॉ. मोहन यादव ने आकस्मिक दौरे के तहत सीधी जिले की जमीनी स्थिति का निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाया। दौरे के दौरान मिली शिकायतों, जनप्रतिनिधियों के फीडबैक और विभिन्न विभागों की समीक्षा के आधार पर मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस में आम नागरिकों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचे। इसके लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता, जवाबदेही और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा।
निरीक्षण के दौरान कलेक्ट्रेट के निर्माणाधीन भवन की धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई और कार्य में तेजी लाने के साथ तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक कहा कि प्रशासन का मूल उद्देश्य आमजन की सेवा है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि सीधी में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान मिली शिकायतों और समीक्षा के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। साथ ही जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक पीएस धनवाल को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने गुना जिले में तलाशी के दौरान मिली नकदी के मामले में पुलिस अधीक्षक की भूमिका को संतोषजनक नहीं मानते हुए अंकित सोनी को भी तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि प्रशासनिक शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।








