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नल-जल योजना में अनियमितता और लापरवाही पर कार्रवाई: पंचायत सचिव मंजू लाल उद्दे निलंबित

रिपोर्ट: Chetram Rajpoot March 12, 2026

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– 85 हजार की वसूली के आदेश

डिंडौरी न्यूज। जिले की जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत भाजीटोला के सचिव मंजू लाल उद्दे को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिला पंचायत डिण्डौरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1999 के तहत की गई है।

जारी आदेश के अनुसार, जनपद पंचायत समनापुर द्वारा भेजे गए प्रतिवेदन में बताया गया था कि सचिव मंजू लाल उद्दे नियमित रूप से जनपद स्तर की साप्ताहिक समीक्षा बैठकों में उपस्थित नहीं हो रहे थे। इसके कारण ग्राम पंचायत भाजीटोला में संचालित शासकीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा प्रभावित हो रही थी। दूरभाष के माध्यम से संपर्क करने पर भी वे कॉल रिसीव नहीं करते थे, जिससे उनकी कार्यशैली को गैरजिम्मेदाराना माना गया।

नल-जल योजना में 1.70 लाख के दुरुपयोग का आरोप

जांच में यह भी सामने आया कि 15वें वित्त आयोग के तहत संचालित नल-जल योजना के कार्यों में सचिव द्वारा लगभग 1 लाख 70 हजार रुपये की वित्तीय अनियमितता की गई है। इस मामले में मुख्य कार्यपालन अधिकारी/विहित प्राधिकारी (पंचायत) जिला पंचायत डिण्डौरी के न्यायालय में प्रकरण दर्ज किया गया था, जिसमें 11 फरवरी 2026 को आदेश पारित करते हुए 85 हजार रुपये की वसूली करने के निर्देश दिए गए हैं।

कार्यालय से अनुपस्थित रहने पर ग्रामीणों की बढ़ीं शिकायतें

आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि सचिव मंजू लाल उद्दे पंचायत कार्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं होते थे, जिसके कारण ग्रामीणों की शासकीय एवं व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा था। परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई में शिकायतें दर्ज कराईं। ग्राम पंचायत भाजीटोला में 50 दिनों से अधिक समय से 7 शिकायतें लंबित हैं, जबकि जनवरी 2026 की 3 शिकायतें भी अभी तक लंबित बताई गई हैं।

इस संबंध में 20 फरवरी 2026 को सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उन्होंने 24 फरवरी को जवाब प्रस्तुत किया, लेकिन अधिकारियों द्वारा उसका परीक्षण करने पर जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।

– जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा, मुख्यालय समनापुर तय

उक्त परिस्थितियों को देखते हुए सचिव मंजू लाल उद्दे का कृत्य म.प्र. पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 के नियम 3 का उल्लंघन माना गया और उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा तथा उनका मुख्यालय जनपद पंचायत समनापुर निर्धारित किया गया है।

– ग्राम रोजगार सहायक को मिला अतिरिक्त प्रभार

प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए ग्राम पंचायत भाजीटोला के ग्राम रोजगार सहायक घनश्याम सिंह राजपूत को अपने मूल कार्यों के साथ-साथ पंचायत सचिव का अतिरिक्त प्रभार अगले आदेश तक सौंपा गया है।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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