डिंडौरी। जिला पंचायत डिण्डौरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं विहित प्राधिकारी (पंचायत) द्वारा ग्राम पंचायत पड़रियाकला में वित्तीय अनियमितता के मामले में बड़ा आदेश जारी किया गया है। जांच में अनियमितता और शासकीय राशि के दुरुपयोग के आरोप सही पाए जाने पर सरपंच, सचिव, उपयंत्री और ग्राम रोजगार सहायक सहित चार जिम्मेदारों से कुल 19 लाख 7 हजार 648 रुपये की वसूली निर्धारित की गई है।
जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत डिण्डौरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 89 के तहत प्रकरण दर्ज कर सुनवाई की गई। जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत पड़रियाकला में मनरेगा योजना के अंतर्गत नाला विस्तारीकरण कार्य वर्षा ऋतु के दौरान मजदूरों के नाम पर दर्शाकर राशि आहरित की गई, जबकि स्थल निरीक्षण में उक्त कार्य नहीं पाया गया। जांच में यह भी पाया गया कि मस्टररोल में दर्शाए गए कार्य के आधार पर लगभग 4 लाख 46 हजार 776 रुपये की राशि खर्च दिखाई गई, जिसका मूल्यांकन भी संदिग्ध पाया गया।
जांच समिति ने यह भी पाया कि ग्राम पंचायत द्वारा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से 14 लाख 60 हजार 872 रुपये का व्यय किया गया, लेकिन उसके संबंध में आवश्यक अभिलेख और दस्तावेज जांच समिति के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए गए। अभिलेखों के अभाव और वित्तीय अनियमितता के कारण उक्त राशि को भी वसूली योग्य माना गया।
प्रकरण की सुनवाई के दौरान संबंधित सरपंच, सचिव, उपयंत्री और ग्राम रोजगार सहायक को कई बार उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया, लेकिन वे अपने पक्ष में ठोस दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद न्यायालय ने जांच प्रतिवेदन के आधार पर देयता निर्धारित करते हुए सरपंच रायसिंह परस्ते और सचिव रमेश सिंह वालरे से 7-7 लाख 30 हजार 436 रुपये, उपयंत्री कमलेश धूमकेती से 2 लाख 23 हजार 388 रुपये तथा ग्राम रोजगार सहायक सज्जनदास खाण्डे से 2 लाख 23 हजार 388 रुपये की वसूली का आदेश जारी किया है।
आदेश में कहा गया है कि यदि सात दिनों के भीतर निर्धारित राशि जमा नहीं की जाती है तो मध्यप्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 92 एवं भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के तहत संबंधितों के खिलाफ वसूली की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उपयंत्री और ग्राम रोजगार सहायक के विरुद्ध नियम विरुद्ध कार्य और शासकीय राशि के दुरुपयोग के मामले में अलग से अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।








