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Dindori News: 25 लाख से बना आंगनवाड़ी भवन खंडहर बनने की कगार पर, 1–2 किमी दूर जाने को मजबूर नौनिहाल

akvlive.in

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डिंडौरी न्यूज। जिले के नौनिहालों के बेहतर भविष्य और अनुकूल वातावरण में शिक्षा और पोषण आहार मुहैया कराने के लिए मोटी लागत से आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया हैं। लेकिन निर्माण एजेंसी के मनमानी के चलते आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्य पूर्ण होने से पहले ही भवन खंडर होने की कगार पर है। आदिवासी बहुल डिंडौरी जिले में शासन के दावे और जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है।

जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत डांड बिछिया के पोषक ग्राम काशी टोला में लगभग 25 लाख रुपये की लागत से निर्मित आंगनवाड़ी भवन आज भी उपयोग में नहीं लाया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार भवन पिछले करीब दो वर्षों से बंद पड़ा है और देखरेख के अभाव में जर्जर स्थिति में पहुंच गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि भवन में लगे कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी चोरी हो चुके हैं और भवन की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। इसके बावजूद महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा यहां आंगनवाड़ी केंद्र का संचालन शुरू नहीं किया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में भवन होने के बावजूद छोटे-छोटे बच्चों को 1 से 2 किलोमीटर दूर दूसरे स्थान पर आंगनवाड़ी केंद्र जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे बच्चों और अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब जिले के मुख्यालय के नजदीक स्थित गांव में यह स्थिति है, तो दूर-दराज के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में हालात क्या होंगे इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि आंगनवाड़ी भवन की मरम्मत कर जल्द से जल्द यहां केंद्र का संचालन शुरू कराया जाए, ताकि बच्चों को गांव में ही शिक्षा और पोषण से जुड़ी सुविधाएं मिल सकें।

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत मध्यभूमि के बोल समाचार पत्र के संपादक हैं। 2013 से इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने madhyabhoomi.in को विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाया है, जो मुख्यधारा की मीडिया से अलग, विकास, समानता, आर्थिक और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित है। हम सच्चाई और पारदर्शिता में विश्वास रखते हैं। मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सतत प्रयासरत हैं। बेखौफ कलम... जो लिखता है बेलिबास सच..