– सीईओ जिला पंचायत डिंडौरी ने जारी किया कारण बताओ नोटिस, दो दिन में मांगा जवाब
डिंडौरी न्यूज। जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत पोंडीमाल में मनरेगा योजना के तहत कराए गए परकुलेशन टैंक निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिला पंचायत डिंडौरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा संबंधित जिम्मेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में प्रकाशित समाचार के आधार पर मामले की जांच कराई गई। जांच दल ने 13 फरवरी 2026 को मौके पर पहुंचकर सरपंच, सचिव एवं अन्य संबंधितों की उपस्थिति में स्थल निरीक्षण किया।
जांच में पाया गया कि ग्राम पंचायत पोंडीमाल में मनरेगा योजना अंतर्गत तीन परकुलेशन टैंकों का निर्माण कार्य किया गया। प्रथम कार्य (वर्क कोड 1745002035/WC/22012035029554) में 9.99 लाख रुपये की स्वीकृति के विरुद्ध 8.72 लाख रुपये व्यय किए गए। द्वितीय कार्य (वर्क कोड 1745002035/WC/22012035040763) में 10.72 लाख रुपये की स्वीकृति के विरुद्ध 10.66 लाख रुपये खर्च दर्शाए गए।
तृतीय कार्य (वर्क कोड 1745002035/WC/22012035040756) में 9.99 लाख रुपये की स्वीकृति के विरुद्ध 8.57 लाख रुपये व्यय किए गए। जांच प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि उक्त परकुलेशन टैंक निर्माण कार्य शासकीय भूमि पर न होकर निजी भूमि पर कराए गए, जो मनरेगा के दिशा-निर्देशों के विपरीत है। तीनों कार्यों में कुल 27.95 लाख रुपये की राशि नियम विरुद्ध तरीके से खर्च किए जाने का आरोप है।
जिला पंचायत डिंडौरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस में सेक्टर उपयंत्री कमलेश धूमकेती और ग्राम रोजगार सहायक भगत लाल हथेस सहित संबंधितअधिकारियों-कर्मचारियों से दो दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है। जारी कारण बताओ नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधितों की होगी।
प्रकरण में पूर्व सचिव एवं अन्य पदाधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई गई है। जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि शासन की योजनाओं में अनियमितता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।







