डिंडौरी। जिला चिकित्सालय डिंडौरी के जिम्मेदारों के द्वारा मरीज की जान जोखिम में डालने वाले गंभीर मामले में कलेक्टर ने कड़ा कदम उठाया है। ऑक्सीजन सिलेंडर समाप्त हो जाने की शिकायत में प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर दो नर्सिंग स्टाफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जिला चिकित्सालय डिंडौरी से 5 फरवरी 2026 को प्राप्त रिफरेंस के अनुसार, लगभग 50 वर्षीय मरीज रविंद्र मरावी को एंबुलेंस से उपचार हेतु जबलपुर रैफर किया गया लेकिन जबलपुर जाते समय आधे रास्ते में ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म हो जाने से मरीज की मौत हो गई, कल परिजनों द्वारा जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर जिला चिकित्सालय के सामने चकाजाम कर विरोध प्रदर्शन किया था । प्रशासन द्वारा अमानवीय लापरवाही मामलें की जांच में पाया गया कि नर्सिंग स्टाफ द्वारा अपने पदीय दायित्वों के प्रति गंभीर उदासीनता और घोर लापरवाही बरती गई।

इस मामले में श्रीमती जयमती नन्देहा, नर्सिंग स्टाफ जिला चिकित्सालय डिंडौरी को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के उल्लंघन के अंतर्गत कदाचरण की श्रेणी में मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय खंड चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, बजाग निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
इसी तरह, श्रीमती विमला द्विवेदी, स्टोर इंचार्ज जिला चिकित्सालय डिंडौरी को भी अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय भी खंड चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, बजाग निर्धारित किया गया है।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया द्वारा जारी आदेश में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।








