– परिजनों का हंगामा, अस्पताल के बाहर सड़क पर बैठकर किया प्रदर्शन, कार्रवाई की मांग कर रहे परिजन
डिंडौरी। जिला अस्पताल डिंडौरी में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। इलाज के दौरान रेफर किए गए एक मरीज की रास्ते में ऑक्सीजन खत्म होने से मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और ड्यूटी डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल के सामने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
रेफर के दौरान लापरवाही का आरोप
परिजनों के अनुसार रविंद्र कुमार मरावी को 4 फरवरी 2026 की शाम करीब 5:30 बजे तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर 5 फरवरी की सुबह करीब 10 बजे ड्यूटी डॉक्टर डॉ. सुरेश मरावी के निर्देश पर मरीज को जबलपुर रेफर किया गया।
परिजनों का कहना है कि मरीज की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे 108 एंबुलेंस से भेजा जाना चाहिए था, लेकिन डॉक्टर के कहने पर जननी एक्सप्रेस से रेफर कर दिया गया।
– ऑक्सीजन सिलेंडरों को लेकर विरोधाभास
जननी एक्सप्रेस में ऑक्सीजन की उपलब्धता को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। परिजनों का आरोप है कि वाहन चालक ने बताया था कि एक सिलेंडर पूरी तरह खाली था और दूसरा आधा भरा हुआ। इस स्थिति की जानकारी न तो मरीज को दी गई और न ही परिजनों को। वहीं दूसरी ओर, अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि एंबुलेंस में मौजूद दोनों ऑक्सीजन सिलेंडर भरे हुए थे। दोनों पक्षों के दावों में विरोधाभास ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
– रास्ते में ऑक्सीजन खत्म, मरीज की मौत
बताया जा रहा है कि जबलपुर ले जाते समय कुंडम क्षेत्र के पास एंबुलेंस में ऑक्सीजन समाप्त हो गई, जिससे मरीज की हालत और बिगड़ गई। समय पर ऑक्सीजन न मिलने के कारण करीब दोपहर 1 बजे रविंद्र कुमार मरावी की मौत हो गई।
– अस्पताल पहुंचकर परिजनों का हंगामा
मौत की सूचना मिलते ही आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोग जिला अस्पताल पहुंचे और ड्यूटी डॉक्टर से बातचीत करने का प्रयास किया। आरोप है कि एक घंटे से अधिक इंतजार कराने के बावजूद डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचे। अस्पताल स्टाफ ने भी मामले पर कोई स्पष्ट जानकारी देने से इनकार कर दिया।
सड़क पर बैठकर प्रदर्शन, पुलिस मौके पर
घटना से नाराज परिजनों ने जिला अस्पताल के सामने सड़क पर बैठकर प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाइश देने का प्रयास किया। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और मृतक के परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।








