– मनरेगा कार्यों में गंभीर अनियमितता, अनुपस्थिति और नोटिस की अनदेखी पर जिला पंचायत सीईओ का सख्त फैसला
Dindori Latest News,डिंडौरी न्यूज। जिला पंचायत डिंडौरी के सीईओ दिव्यांशु चौधरी ने पंचायत कार्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए ग्राम पंचायत ढोढा, जनपद पंचायत शहपुरा में पदस्थ सचिव जयंत मार्को को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जारी आदेश के अनुसार, सचिव जयंत मार्को द्वारा पदीय दायित्वों के निर्वहन में लगातार लापरवाही बरती जा रही थी तथा वे ग्राम पंचायत मुख्यालय से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए गए। इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत शहपुरा द्वारा 20 नवंबर 2025 को जिला पंचायत को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया गया था।
– मनरेगा कार्यों में गंभीर लापरवाही
आदेश में उल्लेख है कि ग्राम पंचायत ढोढा में मनरेगा योजनांतर्गत “एक बगिया मां के नाम” परियोजना के तहत सिपरी एप के माध्यम से 15 कार्य चयनित कर वर्क आईडी जनरेट की गई थी। इन कार्यों के प्राक्कलन एवं तकनीकी स्वीकृति भी जारी की जा चुकी थी, किंतु केवल 11 कार्यों को ही प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इसके बावजूद सचिव द्वारा न तो पौधों की व्यवस्था की गई और न ही पौधरोपण हेतु गड्ढे खुदवाए गए, जबकि कार्यों के मस्टर रोल जारी हो चुके थे।
संपर्क और नोटिस की अनदेखी
जनपद पंचायत स्तर से कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराने हेतु बार-बार फोन द्वारा संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन सचिव द्वारा कॉल रिसीव नहीं की गई। इसके बाद दिनांक 10 अक्टूबर 2025 को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया, जिसका कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। पुनः 04 नवंबर 2025 को अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए, लेकिन इसके बावजूद कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसे स्पष्ट रूप से अनुशासनहीनता माना गया।
– निर्वाचन कार्य भी हुआ प्रभावित
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत शहपुरा के भ्रमण के दौरान भी सचिव ग्राम पंचायत मुख्यालय से अनुपस्थित पाए गए। यह अवधि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची पुनरीक्षण–2025 (SIR) के महत्वपूर्ण कार्य की थी, जिस पर उनकी अनुपस्थिति का प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। ग्राम पंचायत में सचिव की अनुपस्थिति को लेकर ग्रामवासियों द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। जांच में सचिव की अनधिकृत अनुपस्थिति की पुष्टि हुई है।
– आचरण नियमों का उल्लंघन
जिला पंचायत द्वारा कराई गई जांच में यह निष्कर्ष निकला कि सचिव जयंत मार्को का कृत्य मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 के नियम-3 के अंतर्गत अनुशासनहीनता, पदीय लापरवाही एवं कर्तव्य के प्रति उदासीनता की श्रेणी में आता है।
इन तथ्यों के आधार पर मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1999 के नियम-4 के तहत सचिव जयंत मार्को को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें शासन के नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा तथा इस अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत शहपुरा निर्धारित किया गया है।








