डिंडौरी न्यूज। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा Special Intensive Revision-2026 के अंतर्गत मतदाता सूची में चिन्हित “Logical Discrepancies (तार्किक विसंगति)” वाले प्रकरणों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यह निर्देश माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 29 जनवरी 2026 के अनुपालन में दिए गए हैं।
जिला निर्वाचन प्रशासन ने बताया कि जिन मतदाताओं के नाम तार्किक विसंगति की श्रेणी में आए हैं, उनकी सूची ग्राम पंचायत भवन, सार्वजनिक स्थलों, तहसील/उपखंड कार्यालयों एवं शहरी क्षेत्रों में वार्ड कार्यालयों में प्रदर्शित की जा रही है। प्रभावित मतदाता सूची के प्रदर्शन की तिथि से 10 दिवस के भीतर आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत कर सकते हैं।
मतदाता स्वयं या अपने अधिकृत प्रतिनिधि/बीएलए (Booth Level Agent) के माध्यम से दस्तावेज़ जमा कर सकते हैं। प्रत्येक प्रकरण में मतदाता को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर अनिवार्य रूप से प्रदान किया जाएगा। दस्तावेज़ प्राप्ति एवं सुनवाई पूर्ण होने का प्रमाण संबंधित अधिकारी द्वारा जारी किया जाएगा।
निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सभी दस्तावेज़ एवं सुनवाई से संबंधित प्रमाण BLO App में अनिवार्य रूप से अपलोड किए जाएंगे। बिना दस्तावेज़ अथवा सुनवाई के किसी भी मतदाता के विरुद्ध कोई प्रतिकूल कार्यवाही नहीं की जाएगी।
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत जिला डिंडौरी में मतदाता सूची के परीक्षण एवं शुद्धिकरण की कार्यवाही निरंतर की जा रही है। जिले में कुल 5,07,199 मतदाताओं का ड्राफ्ट रोल तैयार किया गया है। ड्राफ्ट रोल के परीक्षण के दौरान मैपिंग एवं लॉजिकल विसंगतियों सहित कुल 1,02,177 प्रकरण चिन्हित किए गए हैं। इन प्रकरणों के निराकरण हेतु जिले में कुल 49 अतिरिक्त सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। अब तक 57,490 मतदाताओं की सुनवाई पूर्ण की जा चुकी है, जबकि 44,687 प्रकरणों की सुनवाई अभी लंबित है। संबंधित अधिकारियों द्वारा लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण हेतु सतत रूप से कार्य किया जा रहा है, ताकि मतदाता सूची को त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाया जा सके।
प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें, अन्यथा संबंधित अधिकारी पर कार्यवाही की जाएगी।








