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Dindori News: राष्ट्रपति भवन में सम्मानित कलाकारों ने किया गोंड चित्रकला प्रशिक्षण का शुभारंभ

रिपोर्ट: Chetram Rajpoot February 4, 2026

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 – अंतरराष्ट्रीय कलाकार स्टीफेनो रोसेटी हुए सहभागी

डिंडौरी न्यूज। जिले के ग्राम पंचायत पाटनगढ़ स्थित कला भवन में आदिवासी गोंड चित्रकला प्रशिक्षण कार्यशाला का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन जनपद पंचायत करंजिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अक्षय डिगरसे, भाजपा मंडल अध्यक्ष श्रीमती वर्षा कुशराम तथा इटली से पधारे अंतरराष्ट्रीय पेंटिंग कलाकार श्री स्टीफेनो रोसेटी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

इस प्रशिक्षण कार्यशाला में राष्ट्रपति भवन में सम्मानित ख्यातिप्राप्त गोंड कलाकारों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण देने वाले कलाकारों में श्री अमित कुमार परस्ते, श्री मिथलेश श्याम, श्रीमती रोशनी श्याम, श्रीमती जमुना कुशराम, श्री अंकित श्याम एवं श्रीमती दीपा श्याम प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान इटली से आए कलाकार स्टीफेनो रोसेटी ने गोंड चित्रकला की बारीकियों को ध्यानपूर्वक देखा, समझा और इस अनूठी जनजातीय कला की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने गोंड कला को प्रकृति, संस्कृति और परंपरा से जुड़ी एक जीवंत अभिव्यक्ति बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त की। रोसेटी ने “हरि बोल” के उद्घोष के साथ उपस्थित जनसमुदाय का अभिवादन कर भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति अपना सम्मान प्रकट किया।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी बने संवाद सेतु

कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अक्षय डिगरसे ने अनुवादक की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने रोसेटी की अंग्रेजी भाषा को हिंदी में तथा ग्रामवासियों की हिंदी को अंग्रेजी में अनुवाद कर दोनों पक्षों के बीच सार्थक संवाद स्थापित किया। श्री डिगरसे ने रोसेटी को गोंड चित्रकला के साथ-साथ बैगा गुदना कला के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक महत्व की जानकारी दी।

इसके साथ ही उन्होंने रोसेटी को बैगाचक क्षेत्र में भ्रमण कर बैगा संस्कृति को नजदीक से समझने हेतु प्रेरित किया, जिससे जनजातीय कला और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।

यह प्रशिक्षण कार्यशाला न केवल स्थानीय कलाकारों और युवाओं के लिए कला कौशल विकसित करने का अवसर प्रदान कर रही है, बल्कि गोंड चित्रकला को वैश्विक मंच तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी साबित हो रही है।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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