डिंडौरी। डिंडौरी जिले के बजाग थाना क्षेत्र में एक जघन्य व सनसनीखेज हत्या मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। आरोपी पिता को अपनी ही मासूम बच्ची की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
मीडिया सेल प्रभारी अभियोजन अधिकारी मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि थाना बजाग के अप.क्र. 12/2025 एवं सत्र प्रकरण क्रमांक ST 30/2025 में आरोपी राजकुमार करकुटिया पिता केजूलाल (उम्र 34 वर्ष), निवासी ग्राम धुरकुटा जामुनटोला, थाना बजाग, जिला डिंडौरी के विरुद्ध धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 के तहत अभियोग सिद्ध हुआ।
— क्या है पूरा मामला
दरअसल दिनांक 25 जनवरी 2025 को सुबह करीब 9 बजे आरोपी राजकुमार करकुटिया अपनी पत्नी और छोटी बच्ची के साथ घर में भोजन कर रहा था। भोजन के बाद पत्नी बर्तन धोने आंगन में चली गई, जबकि बच्ची कमरे में थी। इसी दौरान आरोपी ने पत्नी के चरित्र पर संदेह के चलते विवाद किया और गुस्से में घर में रखी कुल्हाड़ी से अपनी ही बच्ची के सिर पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से बच्ची खून से लथपथ हो गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
पत्नी के चिल्लाने पर पड़ोसी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना की रिपोर्ट पर थाना बजाग में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की गई और साक्ष्य संकलन के बाद चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
— कोर्ट का सख्त रुख
मामले की सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश शशिकांता वैश्य ने आरोपी को धारा 103(1) BNS के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं ₹20,000 के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में आरोपी को 2 वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने अपने फैसले में इसे अत्यंत जघन्य और अमानवीय अपराध बताते हुए समाज में कड़ा संदेश देने की आवश्यकता पर जोर दिया। यह फैसला न केवल कानून की सख्ती को दर्शाता है, बल्कि मासूमों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर न्यायपालिका के कठोर रुख को भी स्पष्ट करता है।









