– ₹25 हजार जुर्माने और अनुशासनात्मक कार्रवाई संभावित
डिंडौरी। मध्यप्रदेश राज्य सूचना आयोग ने डिंडौरी जिले से जुड़े एक महत्वपूर्ण सूचना अधिकार (RTI) प्रकरण में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला–डिंडौरी रहे श्री जगन्नाथ सिंह मरकाम (वर्तमान पदस्थापना—अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला–अनूपपुर) को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 20(1) के तहत ₹25,000 तक का अर्थदंड आरोपित किए जाने की कार्यवाही संभावित बताई गई है।

दीपक ठाकुर द्वारा आरटीआई के तहत 2 बिंदुओं में जानकारी चाही गई थी लेकिन लोक सूचना अधिकारी ने जानकारी प्रदान करने की बजाय आवेदक को गुमराह किया जा रहा था, आवेदक की द्वितीय अपील में सुनवाई करते हुए प्रकरण में आयोग ने पाया कि अपीलार्थी द्वारा 14 नवंबर 2022 को दायर आरटीआई आवेदन के बिंदु क्रमांक–2 पर मांगी गई जानकारी समय-सीमा में उपलब्ध नहीं कराई गई। आयोग के अभिलेखों के अनुसार, संबंधित जांच प्रतिवेदन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला–डिंडौरी द्वारा 21 फरवरी 2024 को पुलिस अधीक्षक को प्रस्तुत किया जा चुका था, इसके बावजूद अपीलार्थी को सूचना अत्यधिक विलंब से 25 अक्टूबर 2024 को भेजी गई। आयोग ने इस देरी को सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 7 का स्पष्ट उल्लंघन माना है।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि किसी कारणवश मांगी गई सूचना का कोई हिस्सा उपलब्ध नहीं था, तो उसकी स्पष्ट लिखित सूचना अपीलार्थी को समय रहते दी जानी चाहिए थी, जो नहीं दी गई। आयोग ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए हैं।

मध्यप्रदेश राज्य सूचना आयोग ने प्रकरण में अगली कार्यवाही करते हुए तत्कालीन लोक सूचना अधिकारी जगन्नाथ मरकाम की व्यक्तिगत सुनवाई दिनांक 13 फरवरी 2026 को प्रातः 11 बजे नियत की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक उत्तर न मिलने की स्थिति में अधिनियम की धारा 20(2) के तहत जुर्माना और अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी संस्तुति की जा सकती है।









