– पर्यवेक्षक पर झूठा शपथपत्र बनवाने व दबाव डालने का आरोप, कलेक्टर से शिकायत
कुछ दिनों पहले समनापुर परियोजना अधिकारी को हटाकर जूनियर पर्यवेक्षक को परियोजना अधिकारी का प्रभार सौंपा गया था, जिला प्रशासन द्वारा परियोजना अधिकारी बनाई गई पर्यवेक्षक स्वप्निल पुरी पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद की आवेदिका ने कलेक्टर को शपथ पत्र सौंप कर परियोजना अधिकारी अयोध्या सिंह राठौर और चपरासी कुलपत को बदनाम करने के लिए दवाब बनाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
डिंडौरी न्यूज। जिले के समनापुर परियोजना अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता चयन प्रक्रिया में गंभीर दबाव बनाने के आरोप सामने आए हैं। वन ग्राम पोड़ी, ग्राम पंचायत किवाड़ निवासी मायावती मरावी (उम्र 21 वर्ष) ने कलेक्टर डिंडौरी के समक्ष मय शपथपत्र के आवेदन देकर परियोजना की पर्यवेक्षक श्रीमती स्वपनिलपुरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
आवेदिका मायावती मरावी ने बताया कि उनका नाम आंगनवाड़ी कार्यकर्ता चयन सूची में प्रथम वरीयता में है। पर्यवेक्षक स्वपनिलपुरी ने दिनांक 03 जनवरी 2026, शनिवार को अपने निवास समनापुर में दस्तावेज़ सत्यापन के नाम पर बुलाया और यह कहते हुए दबाव बनाया कि “मैं परियोजना अधिकारी बन गई हूँ, जैसा मैं कहूँ वैसा करोगी तभी नौकरी लगेगी।”

कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत किए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि पर्यवेक्षक द्वारा परियोजना अधिकारी अयोध्या सिंह राठौर एवं चपरासी कुलपत यादव के विरुद्ध झूठे आरोप लगाने का दबाव बनाया गया। पर्यवेक्षक ने आवेदिका को एक सादे कागज में शपथपत्र का प्रारूप लिखकर स्टांप पेपर में परियोजना अधिकारी के विरुद्ध चपरासी के माध्यम से 80 हजार रुपये की मांग करने का आरोप लगाने को कहा है,जबकि आवेदिका के अनुसार उससे किसी ने राशि की मांग नहीं की है।
मायावती मरावी ने शिकायत में उल्लेख किया है कि सेक्टर पर्यवेक्षक स्वप्निल पुरी द्वारा सादे कागज पर लिखवाकर स्टाम्प पेपर में नोटरी कराने के लिए कहा गया तथा कलेक्टर एवं जिला अधिकारी को शिकायत देने का दबाव बनाया गया है।
पोड़ी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद हेतु ऑनलाइन आवेदन में आवेदिका का वरीयता सूची में प्रथम स्थान है, प्रक्रिया में दूसरी महिला दशवंती केवटिया का नाम गलत तरीके से ग्राम पोड़ी में जोड़ा गया है, वरीयता सूची आने तक दसवंती का नाम ग्राम किवाड़ में ही दर्ज था।
आवेदिका ने यह भी आरोप लगाया कि नौकरी लगवाने का झांसा देकर उन्हें गुमराह किया गया और झूठे तथ्यों पर आधारित शपथपत्र तैयार करवाने का प्रयास किया गया। मायावती मरावी ने कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर उचित कार्रवाई करने तथा स्वयं को न्याय दिलाने की मांग की है।









