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शहपुरा की बेटी ने बढ़ाया क्षेत्र का मान, डॉ. खुशनुमा खान को पीएचडी की उपाधि

रिपोर्ट: Chetram Rajpoot December 15, 2025

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शहपुरा। शहपुरा तहसील की होनहार और प्रतिभाशाली बेटी डॉ. खुशनुमा खान ने शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। 12 दिसंबर को उन्हें एसआर विश्वविद्यालय द्वारा फार्मास्युटिकल रसायन विज्ञान में डॉक्टरेट ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की गई। यह सम्मान उन्हें उनके मौलिक शोध कार्य एवं उत्कृष्ट शोध प्रबंध के लिए दिया गया।

डॉ. खुशनुमा खान का शोध औषधीय पौधों से प्राप्त उर्सोलिक एसिड के फाइटोकेमिकल गुणों एवं उसकी रोगाणुरोधी गतिविधि पर केंद्रित रहा। उनके शोध में यह तथ्य सामने आया है कि उर्सोलिक एसिड में ऐसे प्रभावी औषधीय तत्व मौजूद हैं, जो विभिन्न रोगाणुओं के विरुद्ध कारगर भूमिका निभा सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह शोध फार्मास्युटिकल एवं चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान है, जिससे भविष्य में नई दवाओं के विकास की संभावनाएं भी प्रबल हुई हैं।

उल्लेखनीय है कि डॉ. खुशनुमा खान सांदीपनि विद्यालय (शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय), शहपुरा की पूर्व छात्रा रही हैं। उनकी इस सफलता पर विद्यालय परिवार में हर्ष और गर्व का माहौल है। विद्यालय के शिक्षकों एवं स्टाफ ने उनकी उपलब्धि को वर्तमान छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया है।

डॉ. खुशनुमा खान शहपुरा तहसील निवासी हैं। वे शासकीय चिकित्सा सेवा से सेवानिवृत्त दौलत बख्श खान एवं सेवानिवृत्त शिक्षिका अनवरी बेगम की पुत्री हैं। अनुशासित पारिवारिक पृष्ठभूमि और शिक्षा के प्रति निरंतर समर्पण ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी की लहर है। जनप्रतिनिधियों, समाजजनों, शिक्षकों एवं शुभचिंतकों ने डॉ. खुशनुमा खान को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता न केवल शहपुरा बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है और बेटियों की शिक्षा व वैज्ञानिक शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण है।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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