– अमरपुर CHC में घोर लापरवाही, गलत इलाज से युवक का पैर कटने की नौबत
अमरपुर/डिंडौरी । कभी जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पहचाना जाने वाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) अमरपुर अब गंभीर अव्यवस्थाओं और लापरवाही का प्रतीक बनता जा रहा है। हाल ही में सामने आया मामला न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल भी खड़े करता है।
19 नवंबर को सोनू उर्फ युवराज यादव (19 वर्ष) सामान लेकर चलते समय गिर गया, जिससे उसके पैर में दर्द और सूजन आ गई। परिजन उसे इलाज के लिए CHC अमरपुर लेकर पहुंचे। यहां एक्स-रे के नाम पर रोगी कल्याण समिति की रसीद क्रमांक 989 के माध्यम से 50 रुपये वसूले गए। एक्स-रे करने के बाद ऑपरेटर सुरेंद्र साहू ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि कोई बड़ी समस्या नहीं है, घुटने की कटोरी खिसक गई है और प्लास्टर से ठीक हो जाएगा।

आरोप है कि इसके बाद एक्स-रे ऑपरेटर युवक को अपने निजी कमरे में ले गया, जहां चिकित्सकीय परामर्श के बिना ही 3 हजार रुपये लेकर पक्का प्लास्टर कर दिया गया। अगले ही दिन युवक की हालत बिगड़ गई और असहनीय दर्द होने लगा। परिजन उसे मंडला में हड्डी विशेषज्ञ डॉ. धार्वे के पास ले गए, जिन्होंने तत्काल प्लास्टर कटवाया और गंभीर स्थिति देखते हुए जबलपुर रिफर कर दिया।
जबलपुर के ग्लेक्सी ग्लोबल में ऑपरेशन हुआ, फिर रायपुर एम्स और बाद में नागपुर ले जाया गया। नागपुर में सर्जन ने स्पष्ट किया कि गलत इलाज के कारण स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि अब घुटने के नीचे से पैर काटने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

एक साधारण चोट में की गई यह घोर लापरवाही आज युवक की जिंदगी को अंधकार में धकेल चुकी है। आरोप है कि सरकारी अस्पताल में न सिर्फ बिना डॉक्टर की सलाह के प्लास्टर किया गया, बल्कि बाहर से दवाइयां खरीदने की पर्ची भी अनाधिकृत रूप से लिखी गई।
इस घटना ने क्षेत्र में सक्रिय झोलाछाप और नीम हकीमों की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जो शासन-प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित होने के बावजूद खुलेआम लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।
मामले को लेकर जब मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो मोबाइल रिसीव नहीं होने के कारण उनका पक्ष नहीं मिल सका।
इनका कहना है,,,
“मेरे द्वारा एक्स-रे किया गया है, सलाह देते हुए दवाइयां लिखकर दी गई हैं।”
— सुरेंद्र साहू, एक्स-रे ऑपरेटर, CHC अमरपुर









