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Dindori News: आपसी सुलह से नेशनल लोक अदालत में 364 प्रकरणों का निराकरण, ₹90.08 लाख का अवार्ड पारित

एडीटर: Chetram Rajpoot December 13, 2025

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डिंडौरी । राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशन तथा माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डिंडौरी श्रीमती शशिकान्ता वैश्य के मार्गदर्शन में 13 दिसंबर 2025 को नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया।

लोक अदालत का शुभारंभ माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती शशिकान्ता वैश्य, कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया, पुलिस अधीक्षक श्रीमती वाहिनी सिंह एवं अध्यक्ष अधिवक्ता संघ श्री यू.के. पटेरिया द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

इस अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश श्रीमती शशिकान्ता वैश्य ने कहा कि नेशनल लोक अदालत के माध्यम से न्यायालयों में लंबित पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, चेक अनादरण, राजीनामा योग्य आपराधिक व दीवानी प्रकरणों के साथ-साथ बैंक ऋण वसूली, विद्युत, दूरभाष बिल तथा नगरपालिका कर संबंधी मामलों का आपसी सहमति से त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निराकरण किया जाता है।

कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती वाहिनी सिंह ने नेशनल लोक अदालत के आयोजन की सराहना करते हुए इसे आमजन को सुलभ एवं त्वरित न्याय दिलाने की प्रभावी पहल बताया।

प्रकरणों का विवरण

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री आशीष केशरवानी ने बताया कि लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों के 327 लंबित प्रकरणों का निराकरण करते हुए ₹78,02,149 का अवार्ड पारित किया गया। वहीं प्री-लिटिगेशन श्रेणी के 37 प्रकरणों में ₹12,06,375 की राशि वसूल की गई। इस प्रकार कुल 364 प्रकरणों में ₹90,08,524 का अवार्ड पारित हुआ।

– लोक अदालत बनी परिवार बचाने का माध्यम

लोक अदालत की एक उल्लेखनीय सफलता में पति-पत्नी के आपसी विवाद को सुलह के माध्यम से समाप्त कराया गया, जिससे एक परिवार टूटने से बच सका। दोनों पक्षों ने आपसी समझौते के बाद एक-दूसरे को माला पहनाकर प्रकरण समाप्त किया। इसी प्रकार एक अन्य प्रकरण में भी पति-पत्नी के बीच सुलह कराते हुए उन्हें पुनः साथ रहने के लिए प्रेरित किया गया। दोनों मामलों में दंपतियों को स्मृति स्वरूप पौधे भेंट किए गए।

– उपस्थित रहे अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि

कार्यक्रम में कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, न्यायिक मजिस्ट्रेटगण, अधिवक्ता संघ, डिफेंस काउंसिल टीम, विभागीय अधिकारी, बैंक, नगरपालिका, विद्युत विभाग के प्रतिनिधि, न्यायालयीन कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में पक्षकार उपस्थित रहे।

एडीटर

Chetram Rajpoot

चेतराम राजपूत ‘मध्यभूमि के बोल’ के संपादक हैं और दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। स्थानीय मुद्दों, भ्रष्टाचार के खुलासे और जमीनी खोजी पत्रकारिता के लिए उनकी पहचान है।...

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