– कूप योजना की अंतिम किश्त दिलाने के नाम पर 2,000 रुपये रिश्वत लेने का मामला
डिंडौरी। शासन संचालित कूप निर्माण योजना की अंतिम किश्त 45,000 रुपये जारी कराने के बदले रिश्वत मांगने वाले रोजगार सहायक इन्द्रसिंह वालरे को विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम डिंडौरी ने पांच वर्ष सश्रम कारावास और 10,000 रुपये अर्थदंड की सज़ा सुनाई है। अर्थदंड न भरने पर अतिरिक्त छह-छह माह का सश्रम कारावास भुगताने का आदेश भी पारित किया गया है।
यह है मामला…
आवेदक द्वारा लोकायुक्त पुलिस जबलपुर को दी गई शिकायत के अनुसार, उसके पिता के नाम स्वीकृत कपिल धारा कूप योजना की कुल 2,30,000 रुपये में से अंतिम किश्त 45,000 रुपये जारी होना बाकी था। ग्राम पंचायत मुढियाकला के रोजगार सहायक इन्द्रसिंह वालरे ने यह किश्त निकलवाने के बदले 2,000 रुपये रिश्वत की मांग की।
शिकायत के आधार पर लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 27 सितंबर 2025 को आरोपी इन्द्रसिंह वालरे को 1,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। मामले में अपराध दर्ज कर जांच की गई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय का निर्णय
विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, डिंडौरी ने अभियोजन के तर्कों एवं साक्ष्यों से सहमत होते हुए आरोपी को धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 5 वर्ष सश्रम कारावास एवं 5,000 रुपये अर्थदंड
,धारा 13(2)(डी) सहपठित धारा 13(2) के तहत 5 वर्ष सश्रम कारावास एवं 5,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार वर्मा ने प्रकरण का प्रभावी संचालन किया।









