डिंडौरी न्यूज़। जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा शासन की शैक्षिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से जिला परियोजना समन्वयक श्रीमती श्वेता अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय डिंडौरी में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के समस्त खंड स्त्रोत समन्वयक, खंड अकादमिक समन्वयक एवं एमआईएस कोऑर्डिनेटर उपस्थित रहे।
बैठक में श्रीमती अग्रवाल ने विद्यालयों में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, एवं पाठ्यक्रम की समयसीमा में पूर्णता सुनिश्चित करने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, जिसके लिए नियमित मॉनिटरिंग व जवाबदेही अनिवार्य है।

– विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति का बिंदुवार मूल्यांकन किया गया, जिसमें साइकिल वितरण, यू-डाइस प्लस डाटा फीडिंग, गणवेश राशि अंतरण, अपार आईडी, नामांकन अभियान, VER डेटा अद्यतन तथा मेंटरिंग एप के माध्यम से मॉनीटरिंग शामिल रही।
जिन योजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, उन्हें एक सप्ताह के भीतर सुधार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विकासखंडवार नियमित समीक्षा करने का आग्रह किया गया।
– एमआईएस कोऑर्डिनेटरों को सख्त निर्देश
सभी एमआईएस कोऑर्डिनेटरों को निर्देशित किया गया कि योजनाओं का ऑनलाइन डेटा समय सीमा में फीड किया जाए, प्रतिदिन डेटा विश्लेषण रिपोर्ट विद्यालयों तक पहुंचाई जाए, आगामी तीन दिनों में यू-डाइस प्लस का डाटा फीडिंग कार्य पूर्ण किया जाए। अधिकारियों ने कहा कि डेटा संचालन की गुणवत्ता व गति से ही जिले की रैंकिंग में सुधार संभव है।
– अनुपस्थित समन्वयकों को कारण बताओ नोटिस जारी
बैठक में अनुपस्थित 6 खंड अकादमिक समन्वयकों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। तीन दिनों में संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।
– बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती सुमन परस्ते, सहायक परियोजना समन्वयक श्री आशीष पांडे, जिला शिक्षा केंद्र के एपीसी, अकाउंटेंट, प्रोग्रामर, तथा सभी सातों विकासखंडों के खंड स्त्रोत समन्वयक, खंड अकादमिक समन्वयक एवं एमआईएस कोऑर्डिनेटर उपस्थित रहे। जिला परियोजना समन्वयक श्रीमती श्वेता अग्रवाल ने कहा कि “बच्चों के भविष्य और जिले की शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के लिए सभी अधिकारी व कर्मचारी पूरी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाएं। समयबद्ध कार्यवाही ही सफलता की कुंजी है।”







