डिंडौरी न्यूज। भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश भोपाल के निर्देशों के अनुपालन में जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)–2025 का कार्य तेजी से संचालित किया गया। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के मार्गदर्शन, प्रशासनिक टीम की सतत निगरानी और समन्वित कार्यप्रणाली के परिणामस्वरूप यह कार्य जिले में शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है।
मतदाता गणना पत्रकों के सत्यापन एवं बीएलओ ऐप के माध्यम से डिजिटाइजेशन की अंतिम तिथि 04 दिसंबर 2025 निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर 11 दिसंबर 2025 किया गया था, लेकिन डिंडौरी जिले ने निर्धारित समयसीमा से काफी पहले 30 नवंबर 2025 को ही दोनों विधानसभा क्षेत्रों — 103 शहपुरा (अजजा) तथा 104 डिंडौरी (अजजा) — में गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन का कार्य सौ प्रतिशत पूरा कर लिया। इस उपलब्धि के साथ डिंडौरी जिला राज्य में चौथे स्थान पर रहा, जो प्रशासनिक दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा का प्रमाण है।
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि SIR–2025 के अंतर्गत हासिल किया गया यह परिणाम जिले की टीम भावना, अनुशासन, प्रतिबद्धता और सुनियोजित कार्यप्रणाली का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर के कार्य को समय-सीमा से पूर्व पूर्ण करना यह दर्शाता है कि जिले के अधिकारी-कर्मचारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने के प्रति अत्यंत संवेदनशील और जिम्मेदार हैं। कलेक्टर ने जिले के समस्त मतदाताओं को भी पुनरीक्षण कार्य में सहयोग हेतु धन्यवाद देते हुए कहा कि मतदाताओं ने अपने अधिकार तथा दायित्व के प्रति जागरूकता दर्शाकर यह सफलता संभव बनाई है।
कलेक्टर के निर्देशन में इस व्यापक कार्य को पूर्ण करने में अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जे.पी. यादव, अनुविभागीय अधिकारी (रा.) / रजिस्ट्रीकरण अधिकारी श्री एश्वर्य वर्मा, सुश्री भारती मेरावी, अनुविभागीय अधिकारी बजाग श्री रामबाबू देवांगन, तहसीलदार और सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी श्री आर.पी. मार्को, श्री सुन्दर लाल यादव, तहसीलदार बजाग श्री भरत सिंह बट्टे, नायब तहसीलदार श्री शासांक शेण्डे, श्री आशुतोष मिश्रा, श्री सुकमन सिंह कुलेश, श्री शैलेष गौर, श्री तेजलाल धुर्वे तथा अन्य विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बीएलओ सुपरवाइजर, बीएलओ, सहायक प्रोग्रामर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, पटवारी, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका और वन ग्रामों में तैनात वनरक्षकों की सक्रिय भागीदारी भी इस सफलता में निर्णायक रही।
विशेष रूप से बीएलओ ने रीढ़ की हड्डी की तरह समर्पण, निरंतरता और सूक्ष्म कार्यप्रणाली से गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन को सुचारू, सटीक एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण कर जिले को समय से पूर्व शत-प्रतिशत उपलब्धि दिलाई।







