डिंडौरी । कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने आज ग्राम पंचायत धौरई, औरई एवं उदरी में मनरेगा योजना के तहत संचालित विकास कार्यों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हितग्राहियों से सीधा संवाद कर कार्यों की वास्तविक स्थिति जानी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मां की बगिया का निरीक्षण
ग्राम पंचायत धौरई में मनरेगा योजना से निर्मित मां की बगिया का कलेक्टर ने स्थल निरीक्षण किया। लगभग 1.91 लाख रुपये की लागत से तैयार इस बगिया में हितग्राही श्रीमती सीताबाई द्वारा एक एकड़ भूमि में आम और कटहल के 50 पौधे लगाए गए हैं। कलेक्टर ने पौधों की स्थिति का जायजा लेते हुए सीताबाई को सुरक्षा की दृष्टि से पूरे क्षेत्र में बांस की बाड़ (फेंसिंग) लगाने के निर्देश दिए, ताकि पौधे सुरक्षित रूप से विकसित हो सकें।

रोशनी आजीविका स्व-सहायता समूह की नर्सरी का निरीक्षण
ग्राम धौरई रैयत में रोशनी आजीविका स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित नर्सरी का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर भदौरिया ने आम, कटहल, बांस, अर्जुन, मुनगा, खमेर, शहतूत, नीम एवं सब्जियों के उत्पादन की सराहना की। उन्होंने स्वयं नर्सरी से तीन पौधे भी खरीदे। कलेक्टर ने सीईओ जनपद डिंडौरी एवं मनरेगा परियोजना अधिकारी को निर्देशित किया कि जिले में होने वाले वृक्षारोपण के लिए पौधों की खरीदी इन्हीं स्थानीय नर्सरियों से प्राथमिकता के आधार पर की जाए, जिससे स्व-सहायता समूहों की आय में वृद्धि हो सके।
ग्राम उदरी में पौधरोपण एवं आवास योजनाओं का निरीक्षण
ग्राम पंचायत उदरी में मनरेगा योजना से लगभग 4.39 लाख रुपये की लागत से आम, बरगद, कटहल, गुलमोहर, मुनगा, अर्जुन आदि पौधों का वृक्षारोपण किया गया है। कलेक्टर ने पौधरोपण क्षेत्र का निरीक्षण कर स्वयं अर्जुन का पौधा लगाया और ग्रामीणों से पौधों की सुरक्षा को अपना दायित्व मानने की अपील की।
इसी दौरान कलेक्टर ने पीएम आवास एवं जन-मन आवास हितग्राही योजनाओं का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने हितग्राही गंगाराम मरावी और शिवकुमार मरावी से चर्चा की। कलेक्टर ने उनके पिता श्री झनकुलाल मरावी की कच्चे मकान में रहने की जानकारी मिलने पर दोनों पुत्रों को बुलाकर कहा कि जिस पिता ने आपको सक्षम बनाया है, उन्हें सर्वप्रथम पक्के मकान में रहने की सुविधा मिलनी चाहिए। इस संवेदनशील पहल पर झनकुलाल ने मध्यप्रदेश शासन और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
निरीक्षण के दौरान गांव की कलकतिया बाई और भंवर सिंह ने बताया कि उन्हें शासकीय कार्यों में मजदूरी उपलब्ध नहीं कराई जाती। कलेक्टर ने इस पर तत्काल संबंधित सचिव को फटकार लगाते हुए चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जल उपलब्धता पर निर्देश
ग्रामीणों द्वारा पानी की समस्या रखे जाने पर कलेक्टर ने पीएचई विभाग को तीन दिनों के भीतर पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान ग्रामीण यंत्रिकी आरईएस ई श्री ललित कुमार, सीइओ जनपद डिंडौरी श्री प्रदीप ओझा, तहसीलदार श्री शशांक शेंडे, मनरेगा प्रभारी श्री प्रदीप शुक्ला सहित विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।







