मंडला एनकाउंटर न्यूज। मध्यप्रदेश के मंडला जिले में 9 मार्च 2025 को पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में हिरन बैगा की मृत्यु हो गई थी। इस घटना के बाद, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संवेदनशीलता दिखाते हुए हिरन बैगा की पत्नी, श्रीमती बिसरो बाई, को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। साथ ही, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना और मुख्यमंत्री कल्याणी पेंशन योजना के स्वीकृति पत्र भी उन्हें सौंपे गए हैं।

इस मुठभेड़ को लेकर राज्य विधानसभा में विपक्ष ने हंगामा किया, इसे फर्जी एनकाउंटर करार देते हुए सरकार पर आदिवासियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। विपक्ष ने इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि हिरन बैगा नक्सली थे या नहीं।
यदि जांच में यह साबित होता है कि हिरन बैगा नक्सली नहीं थे, तो उनके परिवार को 1 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
