– अमरपुर, समनापुर और बजाग परियोजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी; गंभीर शिकायतों के मद्देनजर पर्यवेक्षक को सेक्टर से हटाकर जिला कार्यालय में किया पदस्थ
डिंडौरी न्यूज। जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रशासनिक कार्यों को सुचारू बनाने और विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में अमरपुर, समनापुर और बजाग महिला एवं बाल विकास परियोजनाओं के संचालन के लिए अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपे गए हैं। वहीं, समनापुर परियोजना के अंतर्गत सेक्टर गौराकन्हारी में पदस्थ एक पर्यवेक्षक को उनके विरुद्ध प्राप्त गंभीर शिकायतों के मद्देनजर सेक्टर से पृथक कर जिला कार्यालय में नई जिम्मेदारी दी गई है।
जारी आदेश के अनुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग की सहायक संचालक सुश्री वंदना धुमकेती को महिला एवं बाल विकास परियोजना अमरपुर के परियोजना अधिकारी का प्रभार सौंपा गया है। उनके पास अब सहायक संचालक के दायित्वों के साथ अमरपुर परियोजना के संचालन की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी रहेगी।
इसी क्रम में वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक एवं वर्तमान सहायक संचालक श्रीमती नीतू तिलगाम को महिला एवं बाल विकास परियोजना समनापुर के परियोजना अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं, महिला एवं बाल विकास परियोजना करंजिया के परियोजना अधिकारी श्री अयोध्या सिंह राठौर को परियोजना बजाग के परियोजना अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
इन प्रशासनिक व्यवस्थाओं के माध्यम से जिले की तीन परियोजनाओं के कार्यों के संचालन की जिम्मेदारी अधिकारियों को सौंपी गई है। विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक कार्यों को व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से यह व्यवस्था की गई है।
– गंभीर शिकायतों के बाद पर्यवेक्षक को सेक्टर से हटाया
प्रशासनिक आदेश में समनापुर परियोजना के अंतर्गत सेक्टर गौराकन्हारी में पदस्थ पर्यवेक्षक श्री स्वप्निल पुरी की पदस्थापना में भी बदलाव किया गया है। उनके विरुद्ध प्राप्त गंभीर शिकायतों के दृष्टिगत उन्हें सेक्टर से पृथक करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास कार्यालय डिंडौरी में पदस्थ किया गया है।
जिला कार्यालय में उन्हें प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से संबंधित कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग में किए गए इन प्रशासनिक बदलावों के तहत तीन परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त प्रभार निर्धारित किए गए हैं, जबकि शिकायतों के मद्देनजर एक पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी और कार्यस्थल में बदलाव किया गया है।



