– केन्द्रीय विद्यालय डिंडौरी और शासकीय नवीन बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शहपुरा में जागरूकता शिविर आयोजित,
– बच्चों को अधिकारों, ऑनलाइन सुरक्षा और निःशुल्क विधिक सहायता की दी जानकारी
डिंडौरी न्यूज ।बच्चों को लैंगिक अपराधों, शोषण और साइबर अपराधों से बचाने तथा उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डिंडौरी द्वारा सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। केन्द्रीय विद्यालय डिंडौरी और शासकीय नवीन बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शहपुरा में आयोजित इन शिविरों में न्यायाधीशों एवं साइबर सेल के प्रतिनिधि ने विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट, बाल अधिकारों, ऑनलाइन सुरक्षा, साइबर धोखाधड़ी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती शशिकांता वैश्य के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का निर्देशन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री पवन कुमार पटेल एवं व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड तथा तहसील विधिक सेवा समिति शहपुरा के श्री कर्नल सिंह श्याम द्वारा किया गया।
– पॉक्सो एक्ट और बाल अधिकारों की दी जानकारी
कार्यक्रम में तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री रविन्द्र गुप्ता ने विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को उनके अधिकारों, स्वयं की सुरक्षा के उपायों तथा बाल संरक्षण के लिए संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं के बारे में विस्तार से समझाया।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी असहज, अनुचित अथवा आपत्तिजनक स्थिति का सामना करने पर चुप रहने के बजाय अपने अभिभावकों या किसी जिम्मेदार व्यक्ति को इसकी जानकारी देना आवश्यक है। बच्चों को बिना संकोच अपनी बात रखने और आवश्यकता पड़ने पर उचित सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया। शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में सुरक्षा के प्रति समझ विकसित करना और उन्हें संभावित शोषण के मामलों में जागरूक बनाना रहा।
– साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के बताए तरीके
शिविर में साइबर सेल से उपस्थित श्री मुकेश प्रधान ने विद्यार्थियों को मोबाइल और इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपायों तथा सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाइश दी कि इंटरनेट पर किसी अनजान व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए और अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी अजनबी के साथ साझा करने से बचना चाहिए। ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सतर्कता बरतना तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि के प्रति सावधान रहना जरूरी है।
इस दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग पर भी चर्चा की गई। विद्यार्थियों को इसके लाभों के साथ ही संभावित दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया, ताकि वे आधुनिक तकनीक का जिम्मेदारी और समझदारी के साथ उपयोग कर सकें।
– निःशुल्क विधिक सहायता और कैरियर मार्गदर्शन पर भी चर्चा
कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री पवन कुमार पटेल ने विद्यार्थियों को निःशुल्क विधिक सहायता की उपलब्ध सुविधाओं तथा विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों और कैरियर मार्गदर्शन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से जानकारी प्रदान की।
उन्होंने सुरक्षित बचपन अभियान के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार के शोषण या अपराध की स्थिति में उचित सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को कानून की जानकारी देने के साथ ही सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने और संभावित जोखिमों को पहचानने के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री नजीर खान, विद्यालयीन स्टाफ तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डिंडौरी का स्टाफ उपस्थित रहा।



