– निर्माण में हनीकॉम्बिंग और सीढ़ियों की खामियां मिलीं, समय-सीमा के बाद भी अधूरा काम; भुगतान और माप पुस्तिका के मूल्यांकन में भी अंतर
डिंडौरी न्यूज । ग्राम पंचायत गणेशपुर में निर्माणाधीन ग्राम पंचायत भवन (अटल भवन) की गुणवत्ता में खामियां मिलने और निर्धारित समय-सीमा में निर्माण कार्य पूरा नहीं होने पर जिला पंचायत डिंडौरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने दो इंजीनियरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनमें ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के सहायक यंत्री बी.एस. तिलगाम और उपयंत्री धर्मेन्द्र यादव शामिल हैं। दोनों अधिकारियों से तकनीकी मार्गदर्शन, निर्माण कार्य की निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में लापरवाही को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मामला 23 अक्टूबर 2026 को कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया द्वारा निर्माणाधीन पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान सामने आई खामियों से जुड़ा है। निरीक्षण में भवन के निर्माण कार्य में जगह-जगह हनीकॉम्बिंग यानी कंक्रीट में छिद्र एवं खाली स्थान पाए गए। इसके अलावा सीढ़ियों में राइजर और चौड़ाई भी अनुपयुक्त मिली। निरीक्षण के दौरान भवन का निर्माण कार्य अधूरा पाया गया, जबकि इससे पहले भी संबंधित अधिकारियों को कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए जा चुके थे।
– निर्देशों के बावजूद पूरा नहीं हुआ निर्माण
जारी नोटिस के अनुसार, निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के लिए 21 और 28 सितंबर 2026 को निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया जा सका। निर्माण की गुणवत्ता में कमियां मिलने और समय-सीमा का पालन नहीं होने को अधिकारियों की कार्यप्रणाली में लापरवाही के रूप में देखा गया है।
– आहरित राशि और मूल्यांकन में अंतर
निर्माण कार्य से संबंधित ऑनलाइन रिपोर्ट में ग्राम पंचायत द्वारा 31 लाख 64 हजार 624 रुपये आहरित किए जाने का उल्लेख है। वहीं, नोटिस में 27 लाख 89 हजार 724 रुपये के कार्य की राशि आहरित होने और माप पुस्तिका में 20 लाख 1 हजार 690 रुपये के कार्य का मूल्यांकन दर्ज होने की जानकारी भी दी गई है। इस प्रकार नोटिस में उल्लेखित कार्य की राशि और माप पुस्तिका में दर्ज मूल्यांकन के बीच अंतर सामने आया है।
जिला पंचायत के अनुसार, तकनीकी मार्गदर्शन एवं निर्माण कार्य की देखरेख में अपेक्षित जिम्मेदारी नहीं निभाए जाने से भवन की गुणवत्ता प्रभावित हुई। इसी आधार पर दोनों अधिकारियों की कार्यप्रणाली को पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और कर्तव्य के प्रति उदासीनता मानते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम 3 के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है।
– तीन दिन में देना होगा जवाब
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत डिंडौरी ने दोनों अधिकारियों को नोटिस प्राप्त होने के तीन दिवस के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं देने अथवा प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के प्रावधानों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम पंचायत भवन जैसे सार्वजनिक निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करना संबंधित तकनीकी अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। गणेशपुर के इस मामले में निरीक्षण के दौरान मिली खामियों और निर्माण कार्य की स्थिति के बाद जारी नोटिस से स्पष्ट है कि प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब दोनों अधिकारियों के स्पष्टीकरण के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
