– नारकोटिक्स बैठक में कलेक्टर के सख्त निर्देश, ‘रोको-टोको अभियान’ को प्रभावी बनाने और अवैध नशे के कारोबार पर कार्रवाई के आदेश
डिंडौरी न्यूज। जिले में मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा युवाओं एवं विद्यार्थियों को नशे की लत से दूर रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने जागरूकता और कार्रवाई दोनों स्तरों पर सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित नारकोटिक्स संबंधी बैठक में जिले में नशे के विरुद्ध अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे, अपर कलेक्टर श्री जेपी यादव, एसडीओपी श्री सतीश द्विवेदी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में जिले में मादक पदार्थों के दुरुपयोग, अवैध बिक्री एवं परिवहन की रोकथाम के साथ-साथ युवाओं और विद्यार्थियों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
– शिक्षण संस्थानों में नशा विरोधी संदेश होंगे प्रमुखता से प्रदर्शित
कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जिले में नशे के दुष्प्रभावों से बचाव और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए ‘रोको-टोको अभियान’ को प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों एवं छात्रावासों में नशा विरोधी बैनर एवं फ्लेक्स अनिवार्य रूप से लगाने को कहा।
इन बैनर और फ्लेक्स में नशे से होने वाली शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक हानियों के साथ नशे से दूर रहने संबंधी संदेश प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएंगे। प्रशासन का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को लगातार नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना और शिक्षण संस्थानों को नशामुक्त वातावरण के केंद्र के रूप में विकसित करना है।
– शपथ, रैली और पोस्टर प्रतियोगिता से बढ़ेगी जागरूकता
कलेक्टर ने केवल बैनर और फ्लेक्स तक अभियान को सीमित नहीं रखने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में नशामुक्ति की शपथ, जागरूकता कार्यक्रम, रैली, परिचर्चा एवं पोस्टर प्रतियोगिता जैसी गतिविधियां नियमित रूप से आयोजित करने को कहा। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देने के साथ उन्हें नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान का सहभागी बनाने पर जोर दिया गया।
– स्कूल-कॉलेजों के 100 गज के दायरे में तंबाकू बिक्री पर सख्ती
बैठक में शिक्षण संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री को लेकर भी कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू एवं तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
इसके लिए नियमित निरीक्षण करने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया। कलेक्टर ने विशेष रूप से नाबालिगों और विद्यार्थियों तक तंबाकू तथा अन्य नशीले पदार्थों की पहुंच रोकने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
– अवैध नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
कलेक्टर ने जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार, बिक्री एवं परिवहन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नशे के अवैध कारोबार पर कार्रवाई के साथ-साथ इसके सामाजिक दुष्प्रभावों को लेकर आम लोगों में जागरूकता भी लगातार बढ़ाई जाए, ताकि नशे की मांग और उपलब्धता दोनों को नियंत्रित करने की दिशा में प्रभावी प्रयास हो सकें।
– प्रशासन के साथ समाज की भागीदारी जरूरी
कलेक्टर ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल प्रशासन या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी, सामाजिक संगठन और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ नशे के विरुद्ध जागरूकता और कार्रवाई की गतिविधियों को निरंतर प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए।
बैठक में दिए गए निर्देशों से जिले में नशे के विरुद्ध अभियान को संस्थागत स्तर पर मजबूत करने के साथ-साथ शिक्षण संस्थानों और छात्रावासों में विद्यार्थियों के बीच जागरूकता बढ़ाने तथा अवैध नशे के कारोबार पर निगरानी एवं कार्रवाई को और प्रभावी बनाने की दिशा में प्रशासन की प्राथमिकता स्पष्ट हुई है।
