– छह खिलाड़ियों ने काता और कुमिते में जीते 9 पदक, जिले का नाम किया गौरवान्वित
डिंडौरी न्यूज । अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) से मान्यता प्राप्त वर्ल्ड कराटे फेडरेशन से संबद्ध राष्ट्रीय फेडरेशन तथा कराटे इंडिया ऑर्गेनाइजेशन के अनुमोदन पर 3 एवं 4 अक्टूबर 2026 को गोवा के मनोहर पारिकर इनडोर स्टेडियम में इंडो-श्रीलंका ओपन कराटे चैंपियनशिप-2026 का आयोजन किया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में भारत और श्रीलंका के खिलाड़ियों ने विभिन्न कराटे विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए डिंडौरी जिले से छह खिलाड़ियों ने सहभागिता की। खिलाड़ियों ने काता एवं कुमिते वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 9 पदक अपने नाम किए। इनमें स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक शामिल हैं। जिले के खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन से खेल प्रेमियों और परिजनों में उत्साह का माहौल है।
– खिलाड़ियों ने हासिल किए पदक
चंद्रविजय महाविद्यालय की छात्रा मैना वालरे ने प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक अर्जित किया। उनके प्रदर्शन ने जिले को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में गौरव दिलाया।
इसी क्रम में संदीपनी विद्यालय धन्यवासागर, डिंडौरी की कक्षा 12वीं की छात्रा कु. गरिमा भारद्वाज ने काता एवं कुमिते में दमदार प्रदर्शन करते हुए दो रजत पदक प्राप्त किए।

मैकलसुता महाविद्यालय, डिंडौरी की छात्रा कु. दुर्गा अहिरवार ने भी काता एवं कुमिते में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए दो रजत पदक हासिल किए।
वहीं बजाग की कराते प्रशिक्षिका केसरी धुर्वे ने प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हुए एक कांस्य पदक अर्जित किया।
इसके अलावा नर्मदा पैरामेडिकल की छात्रा कु. दामिनी परस्ते ने भी शानदार प्रदर्शन किया और एक रजत एवं एक कांस्य पदक अपने नाम किया। इन खिलाड़ियों को कराते का प्रशिक्षण श्रीमती मनीषा बैरागी द्वारा दिया गया है। खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन पर प्रशिक्षक, परिजनों एवं जिले के खेल प्रेमियों ने खुशी जाहिर करते हुए सभी खिलाड़ियों को बधाई दी है।
– अंतरराष्ट्रीय मंच पर जिले की प्रतिभा
इंडो-श्रीलंका ओपन कराटे चैंपियनशिप में डिंडौरी के खिलाड़ियों द्वारा नौ पदक अर्जित करना जिले में कराते खेल की बढ़ती प्रतिभा को दर्शाता है। सीमित संसाधनों के बावजूद खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए पदक हासिल किए।
खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से न केवल अपने माता-पिता और प्रशिक्षकों का नाम रोशन किया, बल्कि डिंडौरी जिले को भी गौरवान्वित किया। जिले के खेल प्रेमियों ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि ये खिलाड़ी आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जिले का प्रतिनिधित्व कर नई उपलब्धियां हासिल करेंगे।
