– ‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने रोपे फलदार-छायादार पौधे
डिंडौरी न्यूज । राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को शारदा टेकरी परिसर, डिंडौरी में ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम के तहत वृहद पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरियाली के विस्तार के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए सामूहिक सहभागिता का संदेश देना रहा। इस अवसर पर आम, आंवला, अमरूद सहित विभिन्न प्रजातियों के फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। पौधरोपण के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, वन विभाग के कर्मचारियों, स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल की जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
– जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने किया पौधरोपण
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक आशीष खरे, वन मंडलाधिकारी अशोक कुमार सोलंकी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्यांशु चौधरी, प्रशिक्षु आईएफएस अपूर्व सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रेश परस्ते, भाजपा जिला अध्यक्ष चमरू नेताम, रेड क्रॉस समिति अध्यक्ष नरेंद्र राजपूत तथा जिला पंचायत सदस्य हीरा परस्ते सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा उपवन मंडल अधिकारी गाड़ासरई एवं डिंडौरी, वन परिक्षेत्र अधिकारी डिंडौरी सहित वन विभाग का समस्त स्टाफ, स्थानीय नागरिक और पर्यावरण प्रेमियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की और पौधरोपण में भाग लिया।
– पौधों की देखभाल पर दिया जोर
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं और उपस्थितजनों ने महात्मा गांधी के विचारों को स्मरण करते हुए स्वच्छता, प्रकृति संरक्षण और सामाजिक सहभागिता को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उपस्थित लोगों ने कहा कि पौधरोपण केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखते हुए उन्हें वृक्ष के रूप में विकसित करना भी उतनी ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में पौधों की नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। शारदा टेकरी परिसर में हुए इस वृहद पौधरोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज में सेवा भावना और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देने का प्रयास किया गया।
गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। पौधरोपण और उनके संरक्षण के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर एवं हरित पर्यावरण तैयार किया जा सकता है।
