– यूजीसी के बाध्यकारी विनियमों के पालन पर जोर, छात्र सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य की होगी निगरानी
– शिक्षण संस्थानों एवं कोचिंग सेंटरों में शिकायत निवारण और सुरक्षा व्यवस्था की होगी नियमित मॉनिटरिंग
डिंडौरी न्यूज। विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं आत्महत्या की रोकथाम के उद्देश्य से जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक कलेक्टर श्रीमती अंजु पवन भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री आशीष खरे सहित जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति के सदस्य एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में नेशनल टास्क फोर्स के निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन, उच्च शिक्षण संस्थानों एवं कोचिंग सेंटरों में मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों तथा शिकायत निवारण की समीक्षा की गई। सभी शिक्षण संस्थानों को नेशनल टास्क फोर्स पोर्टल का अनिवार्य रूप से उपयोग करने तथा विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं मानसिक स्वास्थ्य प्रदाताओं की सर्वे में सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिले के सभी कोचिंग सेंटरों का पंजीयन सुनिश्चित करने, कोचिंग हब एवं ऐसे स्थानों पर जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थी बड़ी संख्या में निवास करते हैं, मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा एवं रोकथाम के आवश्यक उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए। साथ ही शिक्षण संस्थानों एवं कोचिंग सेंटरों के औचक निरीक्षण के लिए टीम गठित करने, निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट राज्य स्तरीय टास्क फोर्स को भेजने तथा सभी संस्थानों में शिकायत पेटी एवं शिकायत निवारण समिति की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय में निराकरण कर प्रत्येक माह की 10 तारीख तक Action Taken Report (ATR) भेजने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि समिति द्वारा समय-समय पर युवाओं के साथ संवाद एवं कैरियर काउंसलिंग की गतिविधियां आयोजित कर उनका मार्गदर्शन एवं मनोबल बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं को मानसिक तनाव एवं अवसाद जैसी परिस्थितियों से उबरने में सहयोग के लिए एक मेंटर नियुक्त किया जाए, जो उनके साथ नियमित संवाद कर उनकी समस्याओं को समझे और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करे। उन्होंने युवाओं को सकारात्मक एवं उत्साहित बनाए रखने के लिए खेल, मनोरंजन एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों का भी नियमित आयोजन करने के निर्देश दिए।
बैठक में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 15 जनवरी 2026 के आदेश के अनुपालन में छात्र आत्महत्या एवं अप्राकृतिक मृत्यु की सूचना तत्काल पुलिस को देने, आवासीय उच्च शिक्षण संस्थानों में 24×7 चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने, रिक्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक पदों की पूर्ति, लंबित छात्रवृत्तियों के समयबद्ध निराकरण तथा यूजीसी के बाध्यकारी विनियमों का पालन सुनिश्चित करने संबंधी निर्देशों की जानकारी दी गई। जिले के उच्च शिक्षण संस्थानों को माहवार गतिविधि कैलेंडर के अनुसार गतिविधियां आयोजित करने तथा प्रत्येक माह की 5 तारीख तक कार्रवाई का प्रतिवेदन राज्य स्तरीय टास्क फोर्स को भेजने के निर्देश दिए गए।
बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मानसिक तनाव की स्थिति में कोई भी विद्यार्थी स्वयं को अकेला महसूस न करे और उसे समय पर संस्थागत सहायता एवं आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध हो।
