– कैंट थाना पुलिस की प्रभावी कार्रवाई, पुलिस रिमांड में आरोपियों से 17 मोबाइल बरामद; कीमत करीब 17 लाख रुपये
गुना। ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म अमेजन की रिफंड प्रक्रिया का कथित तौर पर दुरुपयोग कर महंगे मोबाइल फोन हड़पने वाले गिरोह का गुना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कैंट थाना पुलिस ने मामले में लगातार कार्रवाई करते हुए अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस रिमांड के दौरान दो आरोपियों से पूछताछ और उनकी निशानदेही पर कुल 17 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 17 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के नेतृत्व में साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और आर्थिक अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन एवं प्रभारी सीएसपी गुना श्री आनंद राय के पर्यवेक्षण में कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव और उनकी टीम ने ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म की रिफंड प्रक्रिया का दुरुपयोग करने वाले नेटवर्क का पता लगाया।
– 14 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े कुल 14 आरोपियों के विरुद्ध 2 सितंबर 2026 को कैंट थाने में अपराध क्रमांक 758/26 दर्ज किया गया। मामले में धारा 318(4), 319(2), 316(2), 61(2) बीएनएस तथा धारा 66(C), 66(D) आईटी एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी शोखर मीना निवासी ग्राम विलौदा एवं तरूण शर्मा निवासी साडा कॉलोनी, राघौगढ़ को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से करीब 35 लाख रुपये कीमत की ईव्ही कार तथा करीब 3 लाख रुपये कीमत के तीन मोबाइल फोन, यानी कुल करीब 38 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया गया था।
– रिमांड में खुलते गए नेटवर्क के राज
मामले में पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए 6 सितंबर 2026 को सुमित मीना निवासी ग्राम लालोनी एवं नमन शर्मा निवासी बारां, राजस्थान को भी गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया।
रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपियों से ऑनलाइन ठगी से प्राप्त मोबाइल फोन, उनकी बिक्री तथा पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के संबंध में विस्तृत पूछताछ की। पूछताछ एवं आरोपियों की निशानदेही के आधार पर पुलिस ने 17 मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत करीब 17 लाख रुपये है।
– फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर ऑनलाइन ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मामले में संलिप्त अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि रिफंड प्रक्रिया के कथित दुरुपयोग के जरिए कितने मोबाइल फोन प्राप्त किए गए और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
– पुलिस टीम का सराहनीय योगदान
इस कार्रवाई में कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव, उपनिरीक्षक अजय प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक ज्योति राजपूत, सउनि गिर्राज जाटव, प्रधान आरक्षक अमित तिवारी, आरक्षक नीलेश रघुवंशी, राजीव रघुवंशी, संजय जाट, विकास राजपूत, नीतेश पटेल, रामनिवास शर्मा, देवेन्द्र नरूका, धर्मेन्द्र रघुवंशी, महेंद्र वर्मा, राजू बघेल, रवि जाट, शुभम रघुवंशी एवं हरवीर बागड़ी तथा साइबर सेल के आरक्षक कुलदीप यादव और आरक्षक भूपेन्द्र खटीक का उल्लेखनीय योगदान रहा।
